मानसरोवर यात्रा जल्द बहाल होगी, चीन के साथ विमान सेवा पर बनी ‘सैद्धांतिक’ सहमति

कैलाश मानसरोवर यात्रा और उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने का कदम भारत और चीन द्वारा पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चार साल से अधिक समय से चल रहे सैन्य गतिरोध की वजह से प्रभावित संबंधों को सुधारने के प्रयासों का हिस्सा है.

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भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के जल्द ही दोबारा बहाल होने की उम्मीद है और इसकी तैयारियां की जा रही हैं. भारत और चीन पिछले वर्ष अक्टूबर में हुए समझौते के तहत डेमचोक और देपसांग के दो शेष टकराव बिंदुओं पर सैनिकों की वापसी पूरी करने के बाद संबंधों को सुधारने के प्रयासों के तहत कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत और चीन दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गए हैं और प्रासंगिक तौर-तरीकों पर काम किया जा रहा है.

कैलाश मानसरोवर यात्रा और उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने का कदम भारत और चीन द्वारा पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चार साल से अधिक समय से चल रहे सैन्य गतिरोध की वजह से प्रभावित संबंधों को सुधारने के प्रयासों का हिस्सा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हम शीघ्र ही कैलाश मानसरोवर यात्रा पर सार्वजनिक सूचना जारी करेंगे और यात्रा जल्द ही दोबारा शुरू होने की संभावना है.''

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उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा इस वर्ष होगी और हम इसकी तैयारियां कर रहे हैं. जल्द ही जनता के लिए अधिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी.''

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2020 के बाद से नहीं हुई है. जायसवाल ने उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने के बारे में कहा, ‘‘सैद्धांतिक रूप से, दोनों देश इस बात पर सहमत हो गए हैं कि उड़ान सेवा फिर से शुरू होगा.''

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उन्होंने कहा, ‘‘दोनों पक्षों की तकनीकी टीम उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं पर विचार कर रही हैं. दोनों नागरिक विमानन प्राधिकरणों की बैठक हुई है और वे अद्यतन रूपरेखा सहित प्रासंगिक तौर-तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं.''

पिछले महीने, भारत और चीन ने संबंधों को फिर से बेहतर बनाने के तरीकों पर विचार किया और लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए प्रयास शुरू करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें इस वर्ष सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने के साथ-साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा की व्यवस्था करना भी शामिल है.

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