- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया
- ममता बनर्जी ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी फिर से सरकार बनाएगी
- उन्होंने वोटर सूची से लाखों नाम हटाए जाने पर नाराजगी जताई और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाए
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी तापमान चरम पर है. बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया. बता दें कि नामांकन के दौरान उनके साथ वरिष्ठ नेता और मंत्री फिरहद हाकिम, देवाशीष कुमार समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे. नामांकन के बाद उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि आगामी चुनाव में सरकार एक बार फिर उनकी पार्टी ही बनाएगी.
नामांकन के बाद ममता का भरोसा-‘सरकार हम ही बनाएंगे'
नामांकन दाखिल करने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से भवानीपुर की जनता के साथ जुड़ी हुई हैं और उनका जीवन, संघर्ष और राजनीति इसी क्षेत्र के इर्द-गिर्द रही है. उन्होंने कहा, “मैं 365 दिन यहां रहती हूं, मेरा धर्म, कर्म, आंदोलन, सब कुछ भवानीपुर से जुड़ा है. बचपन से मैं यहीं रही हूं. भवानीपुर के लोगों का मैं आभार व्यक्त करती हूं.” इसके साथ ही उन्होंने राज्य की सभी 294 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में वोट करने की अपील की.
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SIR और वोटर लिस्ट पर उठाए गंभीर सवाल
ममता बनर्जी ने इस दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर गहरी नाराज़गी जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा, “मैं दुख के साथ कह रही हूं कि इतने नाम हटा दिए गए हैं. यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत था, लेकिन 32 लाख नाम हटाए गए. बाद में नाम जोड़ने का क्या फायदा, जब लोग वोट ही नहीं दे पाएंगे?”
ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि जब कोर्ट ने ट्रिब्यूनल में मामले के निपटारे की बात कही थी, तो फिर वोटर सूची को ‘फ्रीज़' करने का क्या औचित्य है. ममता ने साफ किया कि इस मुद्दे को लेकर वह एक बार फिर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी. नामांकन के बाद ममता बनर्जी का चुनावी कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है. वह राज्यभर में कई जनसभाओं को संबोधित करेंगी और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगी.
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चुनाव में TMC ने झोंकी ताकत
ममता बनर्जी के इस बयान से साफ है कि तृणमूल कांग्रेस इस चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतर चुकी है. जहां एक ओर वह विकास और जनसंपर्क पर भरोसा जता रही हैं, वहीं दूसरी ओर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर विपक्ष और चुनावी तंत्र पर दबाव बनाने की रणनीति भी दिख रही है.भवानीपुर से नामांकन के साथ ही ममता बनर्जी ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है. आत्मविश्वास, आक्रामक रुख और कानूनी लड़ाई के संकेत, इन तीनों के साथ TMC ने 2026 की लड़ाई को पूरी तरह तेज कर दिया है.













