सुनने में थोड़ा अटपटा लगेगा लेकिन ये सच है . अपनी ही पार्टी की तेज़ तर्रार नेता और लोकसभा सांसद मोहुआ मोइत्रा के चलते तृणमूल कांग्रेस (TMC) और ममता दीदी (Mamata Banerjee) की टेंशन बढ़ गई है . विधानसभा चुनाव के ठीक पहले मोहुआ मोइत्रा ने एक ऐसा बयान दिया है जो ख़ुद ममता दीदी के लिए मुसीबत बन सकता है. बताया जा रहा है कि मोइत्रा के बयान से ममता बनर्जी नाराज है.
मोइत्रा ने क्या दिया था बयान
मोहुआ मोइत्रा ने तीन दिनों पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आज़ादी के आंदोलन में बंगाल के लोगों की तुलना में गुजरात के लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठाया था . मोइत्रा ने ये भी पूछा था कि कालापानी की सज़ा पाने वालों में कितने गुजराती शामिल थे ? इस बयान को लेकर ममता खासी नाराज़ बताई जा रही हैं और उसकी एक बहुत बड़ी वजह बताई जा रही है.
भवानीपुर में गुजरातियों और मारवाड़ियों की बड़ी संख्या
ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और वहीं से एक बार फिर चुनाव लड़ने जा रही हैं. इस विधानसभा का ज़्यादातर इलाका दक्षिण कोलकाता में आता है और इस विधानसभा की एक बड़ी आबादी गुजरातियों और मारवाड़ियों की मानी जाती है. एक अनुमान के मुताबिक़ इस विधानसभा में क़रीब 40 फीसदी आबादी गुजरातियों, मारवाड़ियों और बिहारियों यानि गैर बंगालियों की है. ऐसे में मोहुआ मोइत्रा का ताज़ा बयान गुजरातियों को नाराज़ कर सकता है और इसी बात को लेकर ममता दीदी की सिरदर्दी बढ़ गई है.
कुछ पार्टी सूत्रों ने बताया कि ममता ने अपने कुछ पार्टी नेताओं को डैमेज कंट्रोल करने के लिए इन लोगों से संपर्क बढ़ाने को कहा है.
पहले भी मोइत्रा के बयान से TMC की हुई है फजीहत
मोहुआ मोइत्रा बंगाल में कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद हैं और पहले भी संसद और संसद के बाहर अपने बयानों से विवादों में घिरती रही हैं. जुलाई 2022 में उन्होंने मां काली को मांस खाने और शराब पीने वाला बता दिया था जिसपर हंगामा हो गया था. खुद उनकी अपनी पार्टी ने भी उनके बयान से किनारा कर लिया था. इसी तरह 2023 में भी लोकसभा में पैसे और गिफ्ट लेकर सवाल पूछने के आरोप में उनकी लोकसभा की सदस्यता चली गई थी.
य़ह भी पढ़ेंः बंगाल में चुनाव आयोग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 274 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब और मादक पदार्थ जब्त














