Lucknow Kanpur Expressway Latest News: उत्तर प्रदेश को दनादन बड़ी सौगातें मिल रही हैं. वर्ष 2026 में दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर, मेरठ मेट्रो, नोएडा एयरपोर्ट, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे के अलावा एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है. 63 किलोमीटर का ये लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे है. लखनऊ से कानपुर जाने के लिए अभी उन्नाव के रास्ते हैवी ट्रैफिक से गुजरना पड़ता है, इससे 70-80 किमी के सफर में भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है. वाहनों को एक-सवा घंटे की बजाय कम से कम ढाई-तीन घंटे लगते हैं. जाम लगा हो तो ये वक्त 5-6 घंटे भी हो जाता है.दावा है कि 6 लेन का ये एक्सप्रेसवे बन जाने से ये दूरी एक घंटे से भी कम वक्त में पूरी होगी. भारी वाहनों को शहर के अंदर से गुजरना नहीं होगा.
120 किमी की रफ्तार से वाहन दौड़ेंगे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर 120 किमी की रफ्तार से वाहन दौड़ेंगे. कार और अन्य चौपहिया वाहन ही चलेंगे, बाइक-ऑटो नहीं चल पाएंगी. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 63 किमी लंबा है, जिसका 18 किमी भाग एलिवेटेड है. लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे रूट ग्रीनलैंड पर बना है, यानी जहां पहले कोई सड़क मार्ग नहीं था. कानपुर के आजाद चौराहे से शुरू होकर उन्नाव जिले के गांव दतौली, कांथा, तौरा, नैरोना से होते हुए अमरसास तक जाएगा और फिर बनी बंथरा से लखनऊ में प्रवेश करेगा.
यूपी का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे (Lucknow Kanpur Expressway Route)
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की 63 किमी की सड़क निर्माण में 4700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं, यानी प्रति किमी 75 करोड़. वहीं 594 किमी गंगा एक्सप्रेसवे बनाने में 37 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए यानी हर किमी 63 करोड़.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स कितना
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनकर यूपी का सबसे छोटे मगर सबसे महंगा एक्सप्रेसवे है. इस पर चार टोल प्लाजा बने हैं. कार से एक ओर का टोल 275 रुपये होगा और 24 घंटे के अंदर वापसी पर कुल टोल टैक्स 415 रुपये लगेगा. इसका पहला टोल प्लाजा शिवपुर (हरौना-जुनाबगंज) के पास, दूसरा बनी, तीसरा अमरसास और चौथा आजाद चौराहा (गंगा पुल) के नजदीक बना है.
लखनऊ आउटर रिंग रोड से कनेक्टिविटी
एक्सप्रेसवे लखनऊ आउटर रिंग रोड से भी कनेक्ट होगा, ताकि कानपुर से हरदोई, रायबरेली, सीतापुर, सुल्तानपुर जैसे जिलों की ओर जाने वाले बिना लखनऊ में प्रवेश किए बाहर ही बाहर निकल जाएंगे. आउटर रिंग रोड करीब 105 किलोमीटर के दायरे में बनी है. आउटर रिंग रोड पर उतरने और चढ़ने की सर्विस रोड तैयार है.
नीचे नेशनल हाईवे, ऊपर एक्सप्रेसवे
लखनऊ की ओर लगभग 13 किमी का हिस्सा और कानपुर आजाद मार्ग चौराहे का 5 किमी का हिस्सा एलिवेटेड होगा. इसे उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे के साथ भी कनेक्ट किया गया है. नीचे नेशनल हाईवे लखनऊ-कानपुर राजमार्ग NH-25 और ऊपर एक्सप्रेसवे का ये नायाब नमूना होगा. लखनऊ में अमौसी से दरोगाखेड़ा तक एक्सप्रेसवे 4 लेन का रहेगा. लखनऊ के बनी इलाके से एक्सप्रेसवे और हाईवे अलग-अलग होंगे.
हर 1 किमी में सीसीटीवी
इस एक्सप्रेसवे पर करीब हर एक किलोमीटर पर हर घूम सकने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे किसी भी वाहन की गतिविधि को आसानी से कैप्चर किया जा सकेगा. एक्सप्रेसवे पर छह इंटरचेंज हैं, जहां से वाहन चढ़ या उतर सकते हैं. लखनऊ में शहीद पथ पर पहला मुख्य टोल है. फिर लखनऊ में ही बनी और हरौनी में टोल हैं. उन्नाव में अजगैन और अमरसास में भी टोल प्लाजा हैं. आजाद चौक पर कानपुर से आने वाले वाहनों का मुख्य टोल प्लाजा है.
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बेलगाम चालकों पर सख्ती
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट, आग लगने और जबरदस्ती सड़क पर वाहनों का अलर्ट देने का वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) कैमरे होंगे. AI से लैस ये कैमरे ऐसी स्थिति में कंट्रोल रूम को मैसेज पहुंचाएंगे. एक्सप्रेसवे पर दो कंट्रोल रूम बने हैं.
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अंडरपास और फ्लाईओवर भी
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर की आबादी के लिए 38 अंडरपास के साथ 31 छोटे-बड़े पुल बने हैं. इसमें 120 किमी की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ सकेंगे. नेशनल हाईवे की जगह ये ज्यादा हाईस्पीड विकल्प यात्रियों के पास होगा.














