बेटे की जान बचाने के लिए बुजुर्ग पिता ने तेंदुए को उतारा मौत के घाट, किसान की बहादुरी देख लोग दंग

तेंदुआ हो या कोई और जंगली जानवर सामने आते लोगों के होश उड़ जाते है. लेकिन जब बात आत्मरक्षा की हो तो बुढ़े हाथों में भी इतनी ताकत आ जाती है कि तेंदुए को भी हार मानना पड़ता है. ऐसी ही एक कहानी सामने आई है कि गुजरात के गिर सोमनाथ जिले से.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
तेदुएं के हमले में घायल पिता-पुत्र.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के गांगड़ा गांव में एक बुजुर्ग पिता ने तेंदुए के हमले में बेटे की जान बचाई.
  • तेंदुए ने पहले बुजुर्ग पर हमला किया, फिर बेटे पर टूट पड़ा, जिसके बाद पिता ने आत्मरक्षा में तेंदुए को मारा.
  • घटना में पिता-पुत्र दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सरकारी और निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
गिर-सोमनाथ:

तेंदुए सहित अन्य हिंसक जंगली जानवरों को सामने देखते ही लोगों के होश उड़ जाते हैं. लेकिन गुजरात के गिर सोमनाथ जिले से एक ऐसी खबर आई है, जिसने लोगों को हैरत में डाल दिया है. यहां एक बुजुर्ग पिता ने बेटे की जान बचाने के लिए तेंदुए को मौत के घाट उतार दिया. मिली जानकारी के अनुसार यह घटना गिर सोमनाथ जिले के उना में हुई. जहां गांगड़ा गांव में ओसरी (दरवाजे) पर बैठे बुजुर्ग पिता पर अचनाक एक तेंदुए ने हमला कर दिया. तेंदुए के हमले के बाद बुजुर्ग पिता की चीख सुन उनका बेटा बचाने आया. लेकिन बेटे के आने के बाद तेंदुए बुजुर्ग को छोड़ बेटे पर टूट पड़ा. इस बीच बुजुर्ग किसान ने हिम्मत जुटाते हुए तेंदुए पर ऐसा जोरदार हमला किया उसकी जान ही चली गई. 

पिता-पुत्र दोनों जख्मी, अस्पताल में चल रहा इलाज

हालांकि इस हमले में पिता-पुत्र दोनों जख्मी भी हो गए. बुजुर्ग पिता की पहचान बाबूभाई वाजा के रूप में हुई है. बताया गया कि बेटे की जान बचाने के लिए बुर्जुग पिता बाबूभाई वाजा ने आत्मरक्षा में भाला और दातरड़े से तेंदुए पर वार किया. पिता–पुत्र और तेंदुए के बीच हुई खूनखराबे की जंग के बाद घटनास्थल पर ही तेंदुए की मौत हो गई. घटना में पिता और पुत्र दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पहले उना की सरकारी अस्पताल और बाद में अधिक उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
 

बुजुर्ग का वो घर, जहां रात में तेंदुए ने किया था हमला.

वन विभाग की टीम ने तेंदुए के शव को कब्जे में लिया

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटना में प्रयुक्त हथियारों को जब्त किया. तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए जसाधार एनिमल केयर सेंटर भेजा गया. उना क्षेत्र में आत्मरक्षा में तेंदुए को मारने की यह पहली घटना बताई जा रही है. पुत्र को बचाने के लिए जान जोखिम में डालने वाले पिता बाबूभाई वाजा की बहादुरी की पूरे इलाके में सराहना हो रही है.

रात करीब 10 बजे तेंदुए ने किया था हमला

परिवार का कहना है कि रात करीब 10 बजे अचानक तेंदुआ वाड़ी क्षेत्र से आया और सीधे बाबूभाई पर हमला कर दिया. बाबूभाई की चीख-पुकार सुनकर उनके पुत्र सादुरभाई दौड़कर पहुंचे और पिता को बचाने के लिए दातरड़ा और भाले से तेंदुए पर पलटवार किया. हालांकि तेंदुआ इतना खतरनाक था कि वह बाबूभाई को छोड़ने के बजाय सादुरभाई पर भी टूट पड़ा.

इसी आसरे पर सोए थे बुजुर्ग, जहां तेंदुए ने किया हमला.

आत्मरक्षा में पिता-पुत्र ने तेंदुए को मारा

जिसके बाद पिता-पुत्र ने आत्मरक्षा में तेंदुए पर हमला किया, जिसके बाद घटनास्थल पर ही तेंदुए की मौत हो गई. इस पूरे मामले में जब हमने वन विभाग से संपर्क करने की कोशिश की, तो वन विभाग के आरएफओ एल. बी. भरवाड़ ने बताया कि वे किसी अन्य आरोपी को कोर्ट ले जाने में व्यस्त हैं, इसलिए फिलहाल कोई जानकारी नहीं दे पाएंगे—और फोन काट दिया.

यह भी पढ़ें - कुत्ते भौंके तो गेट बंद करने आया चौकीदार, अचानक आ गया शेर, देखें- सांसे अटकाने वाला VIDEO

Featured Video Of The Day
Israel used White Phosphorus in Lebanon War? Chemical Weapon कितना खतरनाक है, पूरी बात यहां जानें