- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर के बांग्लादेशी आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर आतंकी शब्बीर को गिरफ्तार किया
- शब्बीर ने दिल्ली के प्रमुख मंदिरो की रेकी कर पाक हैंडलर्स को जानकारी भेजने का खुलासा किया
- कुल आठ आतंकियों को दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु के तिरुप्पुर से गिरफ्तार किया गया
लश्कर का एक खूंखार आतंकी दिल्ली को दहलाने की साजिश रच रहा था. लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे नाकाम कर दिया. पुलिस ने सोमवार को लश्कर‑ए‑तैयबा के एक खतरनाक बांग्लादेशी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन को धर दबोचा था. उसने अब कई बड़े खुलासे किए हैं, जो हैरान कर देने वाले हैं. आतंकी शब्बीर ने खुलासा किया है कि उसने दिल्ली के फेमस कालका जी मंदिर,लोटस टेंपल और छतरपुर मंदिर की रेकी करके पाक हैंडलर्स को भेजी थी.आतंकी ने दिल्ली के पॉश कनॉट प्लेस को लेकर भी अपनी सादिश का खुलासा किया है. शब्बीर ने बताया कि उसने कनॉट प्लेस के भीड़ भाड़ वाले मार्केट की भी रेकी करवाई थी.
आतंकी शब्बीर अहमद ने खोले बड़े राज
शब्बीर अहमद लोन ने ये भी खुलासा किया है कि ISI और लश्कर बांग्लादेश में TRF जैसा आतंकी संगठन बनाने की फिराक में हैं. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और लश्कर के टॉप आतंकी बांग्लादेश में TRF की तरह ही नया आतंकी संगठन बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. बता दें कि सेंट्रल एजेंसी के इनपुट पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है.
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आतंकी हमले की बड़ी साजिश नाकाम
देश के अलग‑अलग हिस्सों से कुल 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु के तिरुप्पुर से ये आंतंकी पकड़े गए. जबकि पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन को भी पुलिस ने धर दबोचा. पुलिस का दावा है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से देश में किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया गया.
पाकिस्तान समर्थित पोस्टरों से खुला राज
8 फरवरी 2026 को दिल्ली के जनपथ मेट्रो स्टेशन पर कुछ संदिग्ध पोस्टर लगाए जाने की जानकारी मिली थी. इन पोस्टरों में पाकिस्तान समर्थक नारे, कश्मीर से जुड़े भड़काऊ संदेश और मारे गए आतंकी बुरहान वानी की तस्वीरें थीं. पोस्टरों पर उर्दू में कुछ मैसेज भी लिखे थे, जिनका मतलब था “हम पाकिस्तानी हैं, पाकिस्तान हमारा है” और “कश्मीरी एकजुटता दिवस”. जांच में यह भी सामने आया कि ऐसे पोस्टर दिल्ली के कई और इलाकों में भी लगाए गए हैं.
दिल्ली के गाजीपुर से हुई थी शब्बीर लोन की गिरफ्तारी
मामला बहुत ही गंभीर था तो इस केस को स्पेशल सेल को ट्रांसफर किया गया. स्पेशल सेल की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज, ह्यूमन इंटेलिजेंस और डिजिटल डेटा के जरिए इस पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू किया. इसके तार कोलकाता से जुड़े मिले. जहां 15 फरवरी को रेड डालकर उमर फारूक और रोबिउल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया. ये दोनों ही इस मॉड्यूल के अहम सदस्य थे. तमिलनाडु के तिरुप्पुर में 21 फरवरी को एक साथ कई जगहों पर छापेमारी कर 6 और आतंकियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से 7 बांग्लादेशी नागरिक थे, जो अवैध तरीके से भारत में घुसे थे. मुख्य आरोपी उमर फारूक ने मार्च 2025 में शब्बीर अहमद लोन के संपर्क में आने की बात कबूल की थी. 9 मार्च 2026 को स्पेशल सेल ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली के गाजीपुर नाले के पास से धर दबोचा था.













