मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद की कानूनी लड़ाई अब एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में हुई ताजा सुनवाई के दौरान अलग-अलग हिंदू याचिका कर्ताओं के बीच इस बात को लेकर एक राय नहीं बन पाई है कि 'श्री कृष्ण विराजमान'की ओर से कोर्ट में पक्षकार का प्रतिनिधित्व आखिरकार कौन करेगा? हिंदू पक्षों के विभिन्न गुटों के बीच उपजे इस मतभेद पर देश की सर्वोच्च अदालत ने गहरी नाराजगी भी जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला बार-बार अटक रहा है और इसमें सिर्फ 'तारीख पर तारीख' पड़ रही है. इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर तक के लिए टाल दी है.
"सह-वादी आपस में समझौता करके आएं..."
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान नोट किया कि पिछली सुनवाई में अलग-अलग हिंदू याचिकाकर्ताओं को आपसी सहमति बनाने का पर्याप्त समय दिया गया था.
लेकिन अदालत के सामने यह साफ हो गया कि हिंदू पक्ष के विभिन्न गुटों के बीच इस बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई समझौता नहीं हो सका है. इसके बाद अदालत ने निराशा जताते हुए कहा, "हमें पहले यह आश्वासन दिया गया था कि सभी सह-वादी (Co-plaintiffs) आपस में एक साझा समझ बनाकर कोर्ट के सामने आएंगे, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ."
"यह मामला अभिशप्त सा लगता है, तारीख पर तारीख पड़ रही है"
अदालत में जब आपसी सहमति न बनने की बात सामने आई, तो हिंदू पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने दलील दी, "ऐसा नहीं है,हम सभी मूल रूप से एक ही पक्ष में हैं. लेकिन हां, इस मौजूदा स्थिति के साथ यह मामला आगे नहीं बढ़ सकता." इस पर अदालत ने तल्ख लहजे में कहा, "अगर आप लोग आपस में तय नहीं कर पा रहे हैं, तो फिर हमें ही दोनों पक्षों की दलीलें सुननी होंगी. हम आप सभी को विस्तार से सुनेंगे. वैसे भी, यह पूरा मामला अब अभिशप्त सा प्रतीत होता है, यहां सिर्फ तारीख पर तारीख ही पड़ रही हैं."
अब 6 नवंबर को होगी अगली बड़ी सुनवाई
हिंदू पक्षों के बीच आम सहमति बनाने के इस प्रयास के विफल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 6 नवंबर को लिस्ट किया है. अब 6 नवंबर को होने वाली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि कोर्ट अब आपसी सहमति का इंतजार करने के बजाय खुद इस कानूनी पेंच को सुलझाने के लिए दलीलें सुनना शुरू करेगा. जाहिर है इस कानूनी अड़चन के कारण लंबे समय से लंबित इस संवेदनशील विवाद का फैसला और आगे खिंच गया है.
ये भी पढ़ें: "पूरी यूपी पुलिस को ही खत्म कर दें..." सुप्रीम कोर्ट की बेहद तल्ख टिप्पणी, कहा- ये बकवास अब बंद होनी चाहिए