14 दिन, 336 घंटे.... कोलकाता की सर्द रातों में आखिर क्यों पानी नहीं छोड़ रहा यह हिप्पो, जानिए पूरी कहानी

चिड़ियाघर के अन्य सभी जानवरों की तरह, दरियाई घोड़ा भी दिन के समय अपने बाड़े से बाहर आता है और पूरा दिन पानी में डूबा रहता है। शाम को वह वापस बाड़े में चला जाता है। हालांकि, क्रिसमस से पहले से ही वह पानी में बने अपने बाड़े में बिना हिले-डुले खड़ा है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर में एक नर दरियाई घोड़ा ठंड के बावजूद लगातार 14 दिनों से पानी में ही खड़ा है.
  • यह दरियाई घोड़ा क्रिसमस के बाद से पानी से बाहर आने और खाना पीना बंद कर चुका है.
  • चिड़ियाघर प्रशासन और पशु चिकित्सक इस असामान्य व्यवहार के कारणों का पता लगाने में लगे हैं.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर से एक हैरान कर देने वाला और भावुक मामला सामने आया है, जहां रिकॉर्ड तोड़ कड़ाके की ठंड के बावजूद एक युवा नर दरियाई घोड़ा पिछले 14 दिनों से तालाब का पानी छोड़ने को तैयार नहीं है. आमतौर पर दरियाई घोड़े शाम होते ही पानी से बाहर अपने रात के ठिकाने पर लौट आते हैं. लेकिन यह हिप्पो क्रिसमस के बाद से ही लगातार पानी के भीतर खड़ा है. चिड़ियाघर प्रशासन की तमाम कोशिशों और लुभाने के बावजूद उसने बाहर आने से इनकार कर दिया है, जिससे अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं.

यह दरियाई घोड़ा न केवल पानी से बाहर नहीं आ रहा, बल्कि उसने ठीक से खाना-पीना भी छोड़ दिया है. डॉक्टर अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि उसका यह व्यवहार किसी शारीरिक बीमारी का संकेत है या फिर किसी मानसिक आघात का परिणाम.

चिड़ियाघर के अन्य सभी जानवरों की तरह, दरियाई घोड़ा भी दिन के समय अपने बाड़े से बाहर आता है और पूरा दिन पानी में डूबा रहता है। शाम को वह वापस बाड़े में चला जाता है। हालांकि, क्रिसमस से पहले से ही वह पानी में बने अपने बाड़े में बिना हिले-डुले खड़ा है.

इस नर दरियाई घोड़े को सितंबर 2024 में ओडिशा के नंदनकानन चिड़ियाघर से एक मादा साथी के साथ कोलकाता लाया गया था. लेकिन यहां पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद मादा दरियाई घोड़े की मौत हो गई थी. अधिकारी अब इस संभावना की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं यह बेजुबान जानवर अपने साथी को खोने के गहरे दुख और अकेलेपन के कारण तो ऐसा आत्मघाती व्यवहार नहीं कर रहा है.

चिड़ियाघर प्रशासन ने फिलहाल दरियाई घोड़े के बाड़े को आम जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है ताकि उसे किसी भी तरह के मानवीय शोर-शराबे से बचाया जा सके. पशु चिकित्सकों की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे उसके स्वास्थ्य और गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से पानी से बाहर निकाला जा सके और उसका उचित उपचार शुरू किया जा सके.

Featured Video Of The Day
Ramzan Controversy: जुमे के दिन क्यों बढ़ा तनाव? तीन शहरों की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता | NDTV India