केरलम में किसके सिर सजेगा ताज? एलडीएफ की 'हैट्रिक' या यूडीएफ की होगी 'वापसी'

Kerala Election Results : मतगणना के मद्देनज़र सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं.

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Kerala Election Results : केरल की राजनीति में सोमवार को बड़ा फैसला होने जा रहा है. कुछ ही घंटों में यह साफ हो जाएगा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने में कामयाब रहता है या फिर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) वापसी कर दबदबा कायम करता है. साथ ही, यह भी सामने आएगा कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) राज्य की पारंपरिक दो-दलीय राजनीति पर कितना असर डाल पाता है. राज्य में हुए विधानसभा चुनाव तीनों प्रमुख गठबंधनों के लिए अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि बदलते राजनीतिक माहौल में सभी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं. जनता का फैसला आज मतगणना के साथ सामने आ जाएगा.

8 बजे शुरू होगी वोटों की गिनती

केरल में कुल 2 करोड़ 71 लाख 42 हजार 952 मतदाताओं में से करीब 79.63 फीसदी ने 9 अप्रैल को हुई वोटिंग में हिस्सा लिया. 140 विधानसभा सीटों के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई है. मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सोमवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होने की संभावना है. इसके लिए राज्यभर में 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं.

15,464 कर्मियों की तैनाती

मतगणना प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 15,464 कर्मियों की तैनाती की गई है. इसमें 140 निर्वाचन अधिकारी, 1,340 अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारी, 4,208 माइक्रो ऑब्जर्वर, 4,208 काउंटिंग सुपरवाइजर और 5,563 काउंटिंग असिस्टेंट शामिल हैं. स्ट्रॉन्ग रूम उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों, चुनाव पर्यवेक्षकों और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में खोले जाएंगे.

पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी

सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी, जो कुल मतदान का लगभग 1.36 प्रतिशत हैं. मतगणना के मद्देनज़र सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं. चुनाव के बाद किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है.

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बता दें कि इस बार करीब 78 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के विधानसभा चुनाव की तुलना में लगभग चार प्रतिशत ज्यादा है. मतदान प्रक्रिया कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही, हालांकि कुछ इलाकों से मामूली तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें आई थीं.

कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.02 प्रतिशत मतदान

निर्वाचन आयोग के मुताबिक आंकड़ों में कुल 78.27 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के 74.06 प्रतिशत मतदान से काफी अधिक है. वहीं, 1987 में 80.54 प्रतिशत और 1960 में रिकॉर्ड 85.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. जिला-वार आंकड़ों पर नजर डालें तो कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.02 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि पत्तनमथिट्टा में सबसे कम 70.75 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई.

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केरल विधानसभा चुनाव 2021 में क्या रहा था रिजल्ट?

  • LDF ने 99 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया था.

  • UDF को 41 सीटों पर संतोष करना पड़ा था.

  • NDA अपना खाता खोलने में विफल रही थी.
  • बहुमत का जादुई आंकड़ा: 71 सीटें

पिनराई विजयन सबसे लोकप्रिय CM : सर्वे में दावा

Axis My India के बुधवार को सामने आए एग्जिट पोल में इसे लेकर जनता की राय पेश की गई. इसके मुताबिक, केरल के सबसे ज्यादा लोग मौजूदा मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को ही फिर से सीएम की कुर्सी पर देखना चाहते हैं. उनके बाद यूडीएफ के वी.डी. सतीशन जनता की दूसरी सबसे बड़ी पसंद बनकर उभरे हैं. 

एग्जिट पोल में किसकी बन रही सरकार

टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल के अनुसार केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को 69 से 78 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. वहीं, भाजपा गठबंधन को 7 से 11 सीटें मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को 64 से 71 सीटें मिलती नजर आ रही हैं. यूडीएफ और एलडीएफ में जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है.

अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल में यूडीएफ को 40 से 43 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही एलडीएफ 38 से 41 प्रतिशत मत हासिल कर सकता है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 20 से 23 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य को 2 से 3 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं.

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