कर्नाटक: अब बीजेपी नेता ने दी ह‍िंदू की पर‍िभाषा, कहा- यह धर्म नहीं.... जीने का तरीका है

रमेश कट्टी ने बुधवार को बेलगावी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, 'आज हिंदू धर्म की चर्चा हो रही है. यह सिर्फ एक धर्म नहीं है, यह एक गठन है, एक जीवन शैली है.

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बीजेपी नेता और पूर्व सांसद रमेश कट्टी ने हिंदू की अपनी परिभाषा दी .
बेंगलुरु:

कर्नाटक में हिंदुत्व पर चल रहे विवाद के बीच अब बीजेपी नेता और पूर्व सांसद रमेश कट्टी ने हिंदू की अपनी परिभाषा दी है. उन्होंने कांग्रेस नेता सतीश जारकीहोली की हिंदुत्व पर टिप्पणियों का विरोध किया. रमेश कट्टी ने कहा, 'हिंदू कोई धर्म नहीं, बल्कि एक गठन, जीवनशैली और जीवन जीने का एक तरीका है.'

रमेश कट्टी ने बुधवार को बेलगावी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, 'आज हिंदू धर्म की चर्चा हो रही है. यह सिर्फ एक धर्म नहीं है, यह एक गठन है, एक जीवन शैली है. यह जीवन का एक तरीका है.” इस दौरान कांग्रेस विधायक और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सतीश जरकीहोली (Satish Jarkiholi) के हिंदुओं पर दिए गए बयान को लेकर कहा, “मैंने कई किताबें पढ़ी हैं… हिंदू शब्द कहां से आया… ‘हिंदू' कोई धर्म नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीयता है.”

इस बीच बीजेपी की राज्य इकाई ने सतीश जरकीहोली के बयानों की निंदा करते हुए राजधानी बेंगलुरु में एक विरोध मार्च निकाला. सतीश जरकीहोली ने कहा था, ''हिंदू शब्द कहां से आया? यह फ़ारसी है. भारत का क्या संबंध है? यह आपका कैसे हो गया हिंदू? इस पर चर्चा होनी चाहिए. यह शब्द आपका नहीं है. अगर आपको इसका मतलब समझ में आएगा तो आपको शर्म आ जाएगी.''

जरकीहोली ने दी थी ये दलीलें
उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, "मैंने जो कहा उसमें कुछ भी गलत नहीं है. यह फारसी शब्द (हिंदू) कैसे आया, इसके बारे में सैकड़ों रिकॉर्ड हैं. इसका उल्लेख स्वामी दयानंद सरस्वती की किताब 'सत्यार्थ प्रकाश', डॉक्टर जीएस पाटिल की किताब 'बसव भारत' और बाल गंगाधर तिलक के 'केसरी' अखबार में भी किया गया है. ये सिर्फ 3-4 उदाहरण हैं. विकिपीडिया या किसी भी वेबसाइट पर ऐसे कई लेख उपलब्ध हैं, कृपया इसे पढ़ें. "

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गलत  साबित हो गया, तो मांग लूंगा माफी
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर वह गलत साबित हुए तो विधायक का पद छोड़ देंगे. उन्होंने कहा, "सभी को साबित करने दें कि मैं गलत हूं. अगर मैं गलत हूं तो मैं विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा, सिर्फ अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगूंगा."

बसवराज एस बोम्मई ने पूछा- राहुल अभी चुप क्यों?
वहीं, मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई ने जरकीहोली की टिप्पणी की निंदा की और इसे “राष्ट्र-विरोधी” बताया. मुख्यमंत्री ने कहा, “राहुल गांधी इस मुद्दे पर चुप हैं. वह मंदिरों में जाते हैं और पूजा करते हैं, फिर भी परोक्ष रूप से ऐसे बयानों का समर्थन करते हैं. इस तरह का दोहरा रुख कांग्रेस के लिए अच्छा नहीं है.”

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कांग्रेस ने किया किनारा
वहीं, हिंदू शब्द को लेकर सतीश जरकीहोली के बयान से कांग्रेस पार्टी ने किनारा कर लिया है. कर्नाटक के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार ने सतीश के बयानों को उनका निजी बयान बताया है. शिवकुमार ने कहा, ''सतीश जरकीहोली का बयान उनकी निजी राय है न कि कांग्रेस पार्टी की राय है. हम इस पर उनसे स्पष्टीकरण मांगेंगे. कांग्रेस पार्टी सभी धर्मों का समर्थन करती है और उनके बयान से सहमत नहीं है."

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