- इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग इलाजरत है.
- इस बीच दूषित पानी के मुद्दे पर NDTV के सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय भड़क उठे. जिसका वीडियो वायरल हो रहा है.
- हालांकि बाद में कैलाश विजयवर्गीय ने अपने शब्दों पर खेद जताते हुए माफी मांग ली है.
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में गंदा पानी पीने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है. 212 लोग अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में इलाजरत हैं. इस बीच बुधवार को जब NDTV ने मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से गंदा पानी पीने से लोगों की मौत से जुड़ा सवाल किया तो मंत्री ने कहा- फोकट प्रश्न मत पूछो. दरअसल इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र के दूषित पेयजल कांड को लेकर मीडिया के सवालों पर बुधवार रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अचानक आपा खो दिया और शब्दों की मर्यादा लांघते हुए कैमरों के सामने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया. हालांकि बाद में मंत्री ने माफी मांगते हुए अपने शब्द के लिए खेद प्रकट किया.
भागीरथपुरा, विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है. यहां दूषित पानी पीने के कारण डायरिया के प्रकोप से अब तक 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि 212 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है जिनमें से 50 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी जा चुकी है.
रिफंड और पेयजल की व्यवस्था के सवाल पर बिफरे मंत्री
दूषित पेयजल कांड को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय ने कुछ देर तक संयत होकर सवालों के जवाब दिए. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि भागीरथपुरा क्षेत्र के कई मरीजों को निजी अस्पतालों को चुकाए गए बिल का भुगतान नहीं मिला है और इस इलाके के नागरिकों के लिए पीने के पानी की ठीक व्यवस्था नहीं की गई है, तो वह अचानक बिफर गए.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता ने मीडिया के कैमरों के सामने इस सवाल पर आपा खोते हुए कहा, ‘‘छोड़ो यार, तुम फोकट (फालतू) प्रश्न मत पूछो.'' इस बात पर NDTV के संवाददाता और विजयवर्गीय के बीच बहस हो गई जिसके बाद काबीना मंत्री ने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया.
विवाद बढ़ने पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने शब्दों पर खेद प्रकट करते हुए माफी मांगी.
बाद में मंत्री ने मांगी माफी, कहा- मेरे शब्द गलत निकले
इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विजयवर्गीय ने बयान जारी करके खेद जताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, ‘‘मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है. दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए. इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए. इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं, लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा.''
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने वीडियो पोस्ट करते हुए कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग की.
जीतू पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय से मांगा इस्तीफा
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के विवादास्पद वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा, ‘‘इंदौर में जहरीला पानी पीने से मौतों की संख्या आठ से बढ़कर 10 हो गई है, लेकिन भाजपा नेताओं की बदतमीजी, बेशर्मी और अहंकार जस का तस बना हुआ है और इस जहरीले पानी की जिम्मेदारी पर सवाल किया जाए, तो मंत्री जी पत्रकार के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं.''
पटवारी ने सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि उन्हें विजयवर्गीय से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए.
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