- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्र संघ के विरोध मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भयंकर झड़प हुई थी
- इस झड़प में छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल और दांत कटने की जानकारी मिली
- पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों सहित जेएनयूएसयू अध्यक्ष अदिति मिश्रा को हिरासत में लिया
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक बार फिर बवाल खड़ा हो गया है. इस बवाल के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें छात्र अपनी हदें पार करते हुए नजर आ रहे हैं. एक वीडियो में छात्र पुलिसवाले को थप्पड़ मारता हुआ दिख रहा है, तो दूसरे वीडियो में सुरक्षाबलों पर लाठी फेंकता हुआ छात्र दिख रहा है. पुलिस पर हमला करने के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि जेएनयूएसयू के विरोध मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसवालों पर हमला किया गया. इसके बाद पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया है.
प्रदर्शनकारी छात्रों को मिली जमानत
जेएनयू छात्र संघ के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है. गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल थे...
1. नीतीश कुमार (जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष)
2. अदिति मिश्रा (जेएनयूएसयू अध्यक्ष)
3. गोपिका बाबू (जेएनयूएसयू उपाध्यक्ष)
4. दानिश अली (जेएनयूएसयू संयुक्त सचिव)
पुलिस का दावा
दिल्ली में गुरुवार को छात्र संघ द्वारा निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और जेएनयू के छात्रों के बीच झड़प हुई. पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने उस पर हमला किया. वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपने खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया. प्रदर्शनकारी छात्रों में से कई को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने लाठियां और जूते फेंके और हमले किए, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ कर्मियों को दांत भी 'काट' लिया गया.
JNU के गेट पर झड़प
प्रदर्शनकारियों द्वारा मार्च को परिसर से बाहर ले जाने की कोशिश करने पर छात्रों और पुलिस के बीच विश्वविद्यालय के गेट पर झड़प हुई. उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) अध्यक्ष अदिति मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार और कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने एक बयान में कहा कि छात्रों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर से शिक्षा मंत्रालय तक एक 'लांग मार्च' निकालने का आह्वान किया था.
ये भी पढ़ें :- JNU में बवाल: चली लाठियां, फेंके जूते... पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़प, हिरासत में 51 स्टूडेंट
बवाल की वजह
यह मार्च विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा हाल ही में एक पॉडकास्ट में यूजीसी मानदंडों के क्रियान्वयन, जेएनयूएसयू पदाधिकारियों के निलंबन और प्रस्तावित रोहित अधिनियम पर की गई टिप्पणियों के विरोध में जारी प्रदर्शनों का हिस्सा था. प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया, झड़प में कई छात्र घायल हुए और उनमें से कुछ को पुलिस द्वारा 'अपुष्ट स्थानों' पर ले जाया गया. पुलिस के अनुसार, जेएनयू प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को सूचित किया था कि परिसर के बाहर किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और उन्हें विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही अपना प्रदर्शन सीमित रखने की सलाह दी थी. पुलिस ने बताया कि इसके बावजूद, लगभग 400-500 छात्र परिसर में जमा हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. पुलिस ने बताया कि अपराह्न लगभग 3.20 बजे, प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार से बाहर निकले और मंत्रालय की ओर बढ़ने का प्रयास किया.
ये भी पढ़ें :- JNU वीसी के खिलाफ लेफ्ट छात्रों का प्रदर्शन, यूनिवर्सिटी के मेन गेट का ताला तोड़ा













