नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का लोकार्पण और एमआरओ सुविधा का शिलान्यास कई मायनों में खास बन गया. इस आयोजन में देश-विदेश के उद्योगपतियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने शामिल हुए और उन्होंने इसे ऐतिहासिक परियोजना बताया है. सिंगापुर की कंपनी सैट्स लिमिटेड के सीईओ बॉब ची और फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने इसे भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि व्यापक विकास का मॉडल है जो देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगा.
एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय निवेश और वैश्विक उत्साह का बड़ा केंद्र
सैट्स लिमिटेड के गेटवे सर्विसेज के सीईओ बॉब ची ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह परियोजना नोएडा व उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का माध्यम बनेगी. सिंगापुर की कंपनी होने के नाते इस ऐतिहासिक परियोजना का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है. यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय निवेश और वैश्विक उत्साह का बड़ा केंद्र बन रहा है.
विकास का नया आयाम: बोनी कपूर
फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने कहा कि मैं केवल विकास में सहयोग नहीं कर रहा, बल्कि उसका हिस्सा बन रहा हूं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को साकार करने की दिशा में हम सभी प्रयास कर रहे हैं. आने वाले समय में एयरपोर्ट और फिल्म सिटी मिलकर इस क्षेत्र को नए आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे.
देश का सबसे आधुनिक ईंधन फार्म तैयार
इंडियन ऑयल स्काईटैंकिंग प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ टीएस दुपारे ने बताया कि उनकी कंपनी को 2022 में ईंधन फार्म और इन प्लेन फ्यूलिंग सेवाएं विकसित करने का ठेका मिला था. कड़ी प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद यह जिम्मेदारी मिली और अब देश का सबसे आधुनिक ईंधन फार्म तैयार है. कंपनी पूरी तरह से विमानों को ईंधन देने के लिए तैयार है.
निर्यात व उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ
नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने कहा कि यह एयरपोर्ट बड़े कार्गो हब के रूप में विकसित होगा और विमान मरम्मत केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा. इससे निर्यात उद्योग को नई गति मिलेगी और वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.
24 घंटे बैंकिंग और फॉरेक्स सुविधा
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीजीएम देबाशीष मेश्राम ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर में दो शाखाएं स्थापित की गई हैं. एक एयरपोर्ट ऑफिस में और दूसरी कार्गो सेंटर में. यहां एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, ई लॉबी और योनो ऐप की सुविधा उपलब्ध होगी. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 24 घंटे फॉरेक्स काउंटर और 18 से अधिक मुद्राओं को सपोर्ट करने वाला ट्रैवल कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा.
तेजी से हुआ जमीन अधिग्रहण
गौतम बुद्ध नगर के पूर्व जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह ने बताया कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण देश में सबसे तेज और किफायती रहा. किसानों की सहमति से यह प्रक्रिया पूरी हुई है जो अपने आप में एक अनूठी उपलब्धि है. शुरुआती मतभेदों के बावजूद संवाद और समन्वय से किसानों ने इस परियोजना का समर्थन किया और वे इसके प्रमुख भागीदार हैं.
आईजीआई एयरपोर्ट पर दबाव होगा कम
एविएशन और टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन सुभाष गोयल ने कहा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्लॉट की कमी के कारण नई एयरलाइन्स को परेशानी हो रही है. जेवर एयरपोर्ट इस समस्या का समाधान करेगा और दिल्ली के साथ-साथ आगरा और उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचाएगा. दिल्ली और जेवर के बीच तेज मेट्रो या एक्सप्रेस लाइन, बेहतर कनेक्टिविटी और आसपास होटल सुविधाओं का विकास जरूरी है.
रोजगार और निवेश के नए अवसर
परियोजना से जुड़े सुरक्षा अधिकारी मैमुल्लाह अंसारी ने कहा कि यह एयरपोर्ट बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा और एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में अग्रसर है.
समग्र विकास का नया केंद्र बनेगा जेवर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं बल्कि बहुआयामी विकास परियोजना के रूप में उभर रहा है. उद्योग, निर्यात, पर्यटन, फिल्म, बैंकिंग और रोजगार हर क्षेत्र के विशेषज्ञ इसे भविष्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ मान रहे हैं. ऐसे में, दिग्गजों की राय यह स्पष्ट संकेत देती है कि जेवर आने वाले समय में भारत के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक हब में से एक बनने की ओर सशक्त कदम बढ़ा चुका है.
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