- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जेवर हवाईअड्डे तक नई सड़क निर्माण के लिए 3630 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.
- यह सड़क परियोजना उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बनेगी तथा मिश्रित वार्षिकी मॉडल पर कार्यान्वित की जाएगी.
- कॉरिडोर नोएडा, दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (NIAL) अब हरियाणा से भी जुड़ जाएगा. इसको लेकर केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना रास्ते से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाने वाली नई सड़क के निर्माण के लिए 3630.77 करोड़ रुपए संशोधित लागत को मंजूरी दी. यह सड़क उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बनेगी और इसे ‘मिश्रित वार्षिकी मॉडल' (Hybrid Annuity Model) पर बनाया जाएगा.
इन शहरों से होगी सीधी कनेक्टिविटी एयरपोर्ट
योजना के तहत अब जेवर एयरपोर्ट तक नोएडा, दिल्ली के अलावा हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम से भी सीधी सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी होगी. 31.42 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधी और तेज गति का संपर्क मार्ग होगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में आर्थिक विकास और प्रचालन दक्षता को बढ़ावा मिलेगा.
11 किमी का होगा एलिवेटेड मार्ग
परियोजना में 11 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्सा होगा. यह प्रोजेक्ट दिल्ली-फरीदाबाद-सोहना से जेवर तक जुड़ेगा. इसमें 7.8 किमी हिस्सा फरीदाबाद मास्टर प्लान 2031 के शहरी क्षेत्र से होकर गुजरेगा. परियोजना को लेकर हरियाणा सरकार 450 करोड़ रुपए खर्च करेगी.
दो एक्सप्रेस-वे से होगी कनेक्टिविटी
योजना के मुताबिक, कॉरिडोर को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से जोड़ा जाएगा. फरीदाबाद मास्टर प्लान इलाकों से गुजरते हुए लॉजिस्टिक्स और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा.
बुलेट ट्रेन से भी जुड़ेगा एयरपोर्ट
कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भविष्य में नोएडा एयरपोर्ट को बुलेट ट्रेन से भी जोड़ने की तैयारी है. दरअसल, इस साल के आम बजट में केंद्र सरकार ने सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया है. इसमें एक गलियार दिल्ली-बनारस भी शामिल हैं. योजना के तहत कनेक्टिविटी को बेहतर और मजबूत करने के लिए बुलेट ट्रेन से भी नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा,ताकि अधिक संख्या में यात्रियों को लाभ मिल सके.
अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कॉरिडोर संरचनात्मक सुधार के साथ ही शहरी अवसंरचना परिवर्तन, क्षेत्रीय संपर्क और राष्ट्रीय परिचालन दक्षता का महत्वपूर्ण साधन होगा. जेवर हवाई अड्डे-दिल्ली -मुंबई एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की पूरी क्षमता के उपयोग और फरीदाबाद में सतत शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए इसका निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसके निर्माण से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा. कनेक्टिविटी मजबूत होने से माल ढुलाई और यात्रा आसान होगी. उन्होंने फरीदाबाद जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.
एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस
नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने हाल ही में एयरपोर्ट को एयरोड्रोम लाइसेंस दिया है. लाइसेंस मिलने के बाद एयरलाइंस अब अपनी फ्लाइट शेड्यूल तय करना शुरू करेंगी. राज्यसभा में आज प्रश्नकाल में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किनजारपू राम मोहन नायडू ने कहा कि एयरपोर्ट के औपचारिक उद्घाटन की तैयारी की जा रही है. उम्मीद है कि 45 दिन से 2 महीने के भीतर एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू हो सकती हैं.














