- जम्मू-कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले के बाद से बंद 14 पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का फैसला हुआ है
- इनमें ट्यूलिप गार्डन, वुलर झील, यूसमर्ग, दूधपथरी, थजवास ग्लेशियर, हंग पार्क, वाटलाब आदि शामिल हैं
- अस्थायी रूप से बंद कुल 26 पर्यटन स्थल अब तक खोले जा चुके हैं. कई स्थल बर्फ हटाने के बाद खुलेंगे
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को प्रदेश के उन 14 पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया, जिन्हें पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद बंद कर दिया गया था. अब तक अस्थायी रूप से बंद कुल 26 पर्यटन स्थलों को फिर से खोला जा चुका है.
पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को भीषण आतंकी हमला हुआ था. इन हमलों में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे. उसके बाद उपराज्यपाल के आदेश पर जम्मू कश्मीर में लगभग 50 पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया था.
उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि सुरक्षा की गहन समीक्षा और विचार-विमर्श के बाद कश्मीर और जम्मू संभागों में एहतियाती तौर पर अस्थायी रूप से बंद किये गए और भी पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया गया है. इससे पहले पिछले साल 26 सितंबर को उपराज्यपाल ने 12 पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया था.
मनोज सिन्हा ने बताया कि कश्मीर संभाग के 11 पर्यटन स्थलों को तुरंत फिर से खोला जा रह है, जिनमें कोकरनाग में यूसमर्ग, दूधपथरी, दांडीपुरा पार्क, शोपियां में पीर की गली, दुबजान व पदपावन, श्रीनगर में अस्तनपोरा, ट्यूलिप गार्डन, थजवास ग्लेशियर, गांदेरबल में हंग पार्क और बारामुला में वुलर और वाटलाब शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि जम्मू संभाग के तीन पर्यटन स्थल- रियासी में देवी पिंडी, रामबन में महू मंगत और किश्तवार में मुगल मैदान को भी तत्काल प्रभाव से फिर से खोलने का आदेश दिया गया है. एलजी ने आगे बताया कि कश्मीर संभाग के तीन पर्यटक स्थल गुरेज, अथवाटू और बंगस और जम्मू संभाग के एक स्थल रामबन में रामकुंड को बर्फ हटाने के बाद फिर से खोल दिया जाएगा.














