जम्मू-कश्मीर से एक बार फिर संदिग्ध गतिविधियों और फायरिंग की खबरें आई हैं. राजौरी जिले में LoC यानी नियंत्रण रेखा पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने के बाद सेना के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए गोलीबारी की है. दरअसल, राजौरी सेक्टर में एलओसी के पास तारकुंडी इलाके में भारत और पाकिस्तान के बीच भारी गोलीबारी हुई. गोलीबारी की आड़ में पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही थी, लेकिन भारतीय जवानों ने जवाब दिया और उनकी हताश कोशिश को नाकाम कर दिया. करीब दो घंटे तक गोलीबारी चलती रही.
अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे राजौरी के तारकुंडी अग्रिम क्षेत्र में छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू हुई, जो करीब डेढ़ घंटे तक जारी रही. हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है.
अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर तैनात जवानों को संदिग्ध आतंकी गतिविधि नजर आई, जिसके बाद सेना ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके जवाब में सीमा पार से भी छोटे हथियारों से जवाबी गोलीबारी की गई. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इस गोलीबारी का मकसद आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में दाखिल कराना था. सतर्क भारतीय सैनिकों ने उनकी हरकत को भांप लिया और तुरंत जवाबी कार्रवाई करके उनकी कोशिश नाकाम कर दी.
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फायरिंग से गूंज उठा इलाका...
दरअसल, शुक्रवार रात 9:50 बजे पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी शुरू कर दी, जो लगभग दो घंटे तक चली. पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा, भारतीय सैनिकों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तानी तोपों को खामोश कर दिया. सुरक्षा जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान अपने देश में बढ़ रही उथल-पुथल से ध्यान भटकाने के लिए LoC पर गोलीबारी का सहारा ले रहा है.
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PoK और बलूचिस्तान में भारी आक्रोश
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं और लाखों लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं. बुनियादी सुविधाओं की मांग के तौर पर शुरू हुआ यह विरोध तब हिंसक हो गया, जब पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई. इस घटना के बाद फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर और उनकी सेना के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया है.
बलूचिस्तान में भी दबाव बढ़ रहा है. विद्रोही गुट बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हाल ही में सेना के एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया. बलूच गुटों का आरोप है कि उनके साथ व्यवस्थित भेदभाव किया जा रहा है और वे आजादी की मांग कर रहे हैं.