जम्‍मू-कश्‍मीर की धरती डोली, 4.6 तीव्रता के भूकंप के झटकों से दहशत में लोग

कश्‍मीर में भूकंप के झटके महसूस किये गए हैं. भूकंप के की तीव्रता 4.6 आंकी गई है. अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तड़के जम्मू और कश्मीर के बारामूला जिले में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सोमवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे
  • भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.6 दर्ज की गई थी
  • भूकंप का केंद्र पट्टन क्षेत्र बताया गया जो सुबह लगभग 5.35 बजे आया था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कश्‍मीर:

जम्‍मू-कश्‍मीर में भूकंप के झटके महसूस किये गए हैं. भूकंप के की तीव्रता 4.6 आंकी गई है. अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तड़के जम्मू और कश्मीर के बारामूला जिले में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया. उन्होंने बताया कि भूकंप का केंद्र पट्टन क्षेत्र था और यह सुबह 5.35 बजे आया. अधिकारियों ने बताया कि अभी तक भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

कश्‍मीर में भूकंप के झटको सुबह-सुबह धरती डोली, तो लोग दहशत में आ गए. सुबह 5.35 बजे लोग गहरी नींद थे, लेकिन भूकंप के झटके महसूस हुए तो लोग कड़कड़ती ठंड में भी घरों से बाहर निकल आए. हालांकि, भूकंप के झटकों से अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है. लेकिन लोग दहशत में जरूर आ गए हैं.

भूकंप के झटके 8 अक्टूबर 2005 को आए बड़े भूकंप की याद दिला रहे थे, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.6 थी, जिसे बहुत ज्यादा माना जाता है. उस भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद शहर में था. वह भूकंप इतना जबरदस्त था कि इसका असर दूर ताजिकिस्तान, शिनजियांग और अफगानिस्तान तक महसूस किया गया.

ये भी पढ़ें :- दिल्ली में सुबह लगे भूकंप के झटके, जानें कितनी रही तीव्रता

2005 के भूकंप की भयावह यादें...

2005 के भूकंप में 80 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे और पीओके का मुज्फ्फराबाद शहर पूरी तरह से तबाह हो गया था. लगभग साढ़े तीन लाख लोग बेघर हो गए थे, जबकि कब्जे वाले कश्मीर में 2005 के भूकंप में 1.38 लाख लोग घायल हुए थे. 2005 से पहले, साल 1885 में 30 मई को घाटी में एक और बड़ा भूकंप आया था. इसे बारामूला भूकंप कहा जाता था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.8 रिकॉर्ड की गई थी. 1885 के इस भूकंप का केंद्र घाटी में था, इसलिए इसका असर बहुत ज्यादा था. इसमें कम से कम 3,081 लोग मारे गए थे और बहुत ज्यादा संपत्ति का नुकसान हुआ. बता दें कि कश्मीर घाटी और लद्दाख क्षेत्र में जांस्कर तक भूकंप की आशंका वाले इलाके में शामिल हैं, जहां पहले भी भूकंप ने तबाही मचाई है.

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon | Trump vs Khamenei: क्या Iran में America ने जंग छेड़ दी ?
Topics mentioned in this article