- जबलपुर के बरगी डैम में तेज हवा और लहरों के कारण क्रूज नाव पलट गई, जिससे कई लोग डूब गए.
- बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया है, जिसमें एनडीआरएफ, आर्मी और स्थानीय टीमें सक्रिय रूप से लगी हैं.
- क्रूज नाव पूरी तरह उल्टी पड़ी होने और पानी में दृश्यता न के बराबर होने से रेस्क्यू कार्य कठिन हुआ.
Jabalpur Cruise Accident Photos : कुदरत का कहर जब टूटता है, तो वह संभलने का एक पल, एक सांस तक उधार नहीं देता. कल जबलपुर के बरगी डैम में जब लहरें 'काल' बनकर उठीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में सिर्फ एक ही मंजर था- अपनी आंखों के सामने अपनों को खोते हुए देखना. कल्पना कीजिए उस बेबसी की, जब पानी का 'दैत्य' आपके कलेजे के टुकड़े को खींच रहा हो और आपके हाथ हवा में खाली रह जाएं. वहां चीखें थीं, तड़प थी और था एक ऐसा सन्नाटा जो आज भी बरगी की फिजाओं में गूंज रहा है. लोग विवश थे, हाथ बढ़ा रहे थे, नाम पुकार रहे थे. लेकिन मौत इतनी बेरहम थी कि उसने अपनों के सामने ही अपनों की सांसें छीन लीं.
उन पिता पर क्या गुजरी होगी जिन्होंने अपने बच्चों को डूबते देखा? जिस पल सांसें उखड़ रही होंगी, उस मां ने शायद ईश्वर से लंबी उम्र नहीं, बस कुछ सेकंड और मांगे होंगे... ताकि वह अपनी बेटी को आखिरी बार चूम सके. कल्पना कीजिए उस मां की ममता की, जिसने पानी के उस बेरहम 'दैत्य' के बीच अपनी बेटी को सीने से इस कदर सटा रखा था कि मौत भी उनके बीच दरार न डाल सकी. जब रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें निकाला, तो उनकी आंखें भी भर आईं, मां की बांहें अब भी एक सुरक्षा कवच बनी हुई थीं.
शुक्रवार को बचाव दल ने फिर से सर्च ऑपरेशन तेज किया और पानी के अंदर से कई और शव बरामद किए.
बचाव में लगे एक कर्मी ने बताया कि अंदर जाना और काम करना बहुत ही कठिन हो गया है क्योंकि क्रूज बोट पूरी तरह उल्टी पड़ी हुई है. पानी के अंदर विजिबिलिटी लगभग शून्य है और कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था.
तेज हवा और आंधी चली, जिसके चलते क्रूज का संतुलन गड़बड़ा गया. देखते ही देखते यह क्रूज पानी में जा समाया. इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया.
अचानक हुआ यह हादसा कई परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दे गया. इस दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के कारण पानी में लहरें उठीं, जिससे नाव में सवार लोगों ने शोर मचाकर चालक दल से नाव को किनारे की ओर ले जाने की अपील की, लेकिन चालक दल तक आवाज नहीं पहुंच सकी और नाव बहते हुए पलट गई.
बरगी बांध में पर्यटन गतिविधियों के तहत वर्ष 2006 से क्रूज संचालन हो रहा है. यहां दो क्रूज हैं- एक हाउस बोट और एक मिनी क्रूज. एक क्रूज की क्षमता करीब 60 लोगों की बताई जाती है. हादसे का शिकार हुए क्रूज में 40 से अधिक लोगों के सवार होने की बात सामने आ रही है.













