- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत कर भारतीय समुदाय की सुरक्षा का आश्वासन लिया
- भारत ने ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष में सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव न बढ़ाने का आग्रह किया
- भारत ने क्षेत्रीय संप्रभुता और अखंडता के सम्मान पर जोर देते हुए कूटनीति और वार्ता की आवश्यकता जताई
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान के बाद पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी से फोन पर बातचीत की. विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि बातचीत के दौरान उन्हें कतर की स्थिति से अवगत कराया गया और कतर पक्ष की ओर से भारतीय समुदाय की भलाई को लेकर आश्वासन दिया गया.
विदेश मंत्री जयशंकर का एक्स पोस्ट
ईरान, इजरायल-अमेरिका के संघर्ष में भारत की क्या अपील
द्वारा किये गए संयुक्त सैन्य हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को बढ़ने से रोकने का शनिवार को आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए. क्षेत्र में तेजी से बदलती स्थिति पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में, भारत ने कहा कि वह ईरान और खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम को लेकर ‘‘गहरी चिंता'' व्यक्त करता है और तनाव कम करने और मूल मुद्दों को सुलझाने के लिए ‘‘वार्ता और कूटनीति'' का सहारा लिया जाना चाहिए.
ये भी पढ़ें : सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मारे गए तो ईरान में क्या होगा? CIA ने ट्रंप को पहले ही जवाब दे दिया है
ईरानी विदेश मंत्री संग जयशंकर की बातचीत
इसके अलावा, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके इजराइली समकक्ष गिदोन सार के साथ फोन पर बातचीत की. जयशंकर ने अराघची को ईरान और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया. अमेरिका और इजराइल द्वारा किये गये हमले के बाद ईरान ने कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत पश्चिम एशिया में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की.
भारत ने मौजूदा हालात पर जताई चिंता
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है. मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव को बढ़ने से रोकने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं.'' इसने कहा, ‘‘तनाव कम करने और मूल मुद्दों को सुलझाने के लिए वार्ता और कूटनीति का सहारा लिया जाना चाहिए. सभी राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए.'' मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में स्थित उसके मिशन भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं और उन्होंने उचित परामर्श जारी करते हुए उनसे सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है.














