क्या ईरान को 'टोल' देकर होर्मुज से आ रहे हैं भारत के जहाज? जानें सरकार ने क्या दिया जबाव

शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने बताया कि होर्मुज संकट के बीच राहत की खबर यह है कि दो भारतीय होर्मुज को पार करके आगे बढ़ चुके हैं. इन पर लगभग 92,612 मीट्रिक टन एलपीजी लोड है.

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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सीमित हो गई है. इसकी वजह से कई देशों में तेल और गैस का भीषण संकट पैदा हो गया है. भारत भी एलपीजी की कमी से प्रभावित हुआ है क्योंकि वह अपनी 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है. इस बीच ऐसी खबरें थीं कि ईरान होर्मुज से जहाजों को निकलने के बदले मोटी रकम वसूल रहा है. इस बारे में मंगलवार को सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति स्पष्ट की गई. एलपीजी संकट को लेकर एक अच्छी खबर भी आई है. 

शिपिंग मिनिस्ट्री स्पेशल सेक्रेटरी ने क्या कहा?

शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इंटरनेशनल कन्वेंशन के मुताबिक, समुद्र में आवाजाही की आजादी है. अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक कोई भी लेवी या टैक्स नहीं थोपा जा सकता. अगर कोई इस बारे में कुछ कह रहा है तो इसका कोई आधार नहीं है, ये सब बेबुनियाद है. 

ईरानी दूतावास भी स्थिति स्पष्ट कर चुका

इससे पहले, भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि ईरान जहाजाों से 2 मिलियन (20 लाख) डॉलर वसूल रहा है. ईरानी दूतावास का यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिनमें ईरान के सांसद अलाउद्दीन बोरुजेर्दी का हवाला देकर दावा किया जा रहा था कि मर्चेंट जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित निकलने देने के लिए लेवी वसूली जा रही है. ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इन खबरों को निराधार बताया था. 

भारत कर रहा ईरान-अमेरिका में मध्यस्थता?

इस सवाल पर कि क्या भारत भी ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच मध्यस्थता कर रहा है, इसमें भारत की क्या भूमिका है, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की बात कई राष्ट्राध्यक्षों से हो रही है. विदेश मंत्री भी बात कर रहे हैं. शांति और कूटनीति और बातचीत के जरिए ही शांति बहाल हो सकती है. 

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होर्मुज में अभी भारत के कितने जहाज?

शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि होर्मुज संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर यह है कि 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' नाम के दो भारतीय होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करके आगे बढ़ चुके हैं. इन जहाजों में लगभग 92,612 मीट्रिक टन एलपीजी लोड है. इन पर 60 भारतीय नाविक सवार हैं. इन जहाजों के 26 से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है.

दो LPG टैंकर जल्द पहुंचेंगे भारत

उन्होंने बताया कि इस वक्त होर्मुज में भारत के झंडे वाले कुल 20 जहाज और टैंकर मौजूद हैं. इनमें से 5 टैंकर एलपीजी से भरे हुए हैं जिनमें करीब 2.30 लाख मीट्रिक टन गैस है. इसके अलावा एक और टैंकर जल्द ही लोड होने वाला है. सिन्हा ने बताया कि सरकार लगातार जहाजों की सुरक्षा और सुचारु आवाजाही पर नजर रखे हुए है ताकि घरेलू आपूर्ति में बाधा न आए.

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पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं

देश में ईंधन की कमी की अफवाहों पर पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत के पास पेट्रोल, डीजल का पर्याप्त भंडार है. उन्होंने कहा कि देश में लगभग एक लाख पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से लगभग सभी सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. गुजरात समेत किसी भी राज्य में पेट्रोल और  डीजल की कोई कमी नहीं है. एलएनजी का भी पर्याप्त भंडार है. एलपीजी सप्लाई में भी सुधार हो रहा है. 

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