- ईरान और अमेरिका के तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 14 भारतीय जहाज अभी भी फंसे हुए हैं.
- 18 अप्रैल को दो भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाजों पर ईरानी IRGC सैनिकों ने बिना रेडियो चेतावनी फायरिंग की थी.
- भारतीय सरकार ने फायरिंग की घटना को गंभीरता से लेते हुए ईरान के राजदूत को समन किया और राजनयिक पहल तेज की है.
ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच होर्मुज की नाकाबंदी को लेकर दोनों देशों में तनातनी का माहौल है. इसी बीच बीते दिनों होर्मुज पार करने की कोशिश में जुटे दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की खबर भी सामने आई थी. सोमवार को पश्चिम एशिया के हालातों पर अंतर मंत्रालयी प्रेस वार्ता में भारतीय अधिकारियों ने पूरी स्थिति पर स्पष्ट जानकारी साझा की है. अधिकारियों ने बताया कि 28 फरवरी को ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुए तनावपूर्ण माहौल के 52 दिनों में अभी तक 10 भारतीय जहाज होर्मुज से पार हुए. 14 भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज के पास फंसे हैं. अधिकारियों ने यह भी बताया कि भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘देश गरिमा' ने 18 अप्रैल को होर्मुज को पार किया है. इस क्रूड ऑयल टैंकर पर 97,422 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा है. 31 भारतीय नाविकों के साथ देश गरिमा जहाज के 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की संभावना है.
18 अप्रैल को होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग के बारे में अधिकारियों ने क्या बताया?
इस प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 18 अप्रैल को दो भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाजों पर ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के सैनिकों द्वारा फायरिंग की घटना को भारत सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है. IRGC के सैनिकों ने भारतीय ध्वज वाले जहाज़ों को रुकने की चेतावनी देने के लिए फायर किया था.
ईरान सरकार और IRGC की गलफत से हुई फायरिंग
अधिकारियों ने बताया कि ये घटना ईरान सरकार और IRGC की लोकल यूनिट के बीच कम्युनिकेशनगैप की वजह से हुआ. इस फायरिंग की घटना के दौरान भारतीय जहाज़ों को कोई ज़्यादा नुकसान नहीं हुआ है, जहाज़ के कुछ हिस्सों में शीशे टूट गए. भारत इस मामले में बेहद संवेदनशीलता से राजनयिक पहल कर रहा है, क्योंकि 14 भारतीय ध्वज वाले जहाज़ अब भी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में खड़े हैं, और बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक ईरान में हैं जिनकी सुरक्षा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा- जहाजों की सुरक्षा के लिए हम लगातार ईरान के संपर्क में
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को कहा, "फायरिंग की घटना की जानकारी मिलते ही भारत सरकार ने इस मामले में गंभीरता से पहल की. भारत में ईरान के राजदूत को समन किया गया, और विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के राजदूत से कहा कि भारत इस घटना से बेहद चिंतित है. हम भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम अपने जहाजों को सेफ पैसेज देने के लिए ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं".
बिना रेडियो चेतावनी दिए भारतीय जहाजों पर हुई थी फायरिंग
UKMTO की रिपोर्ट के अनुसार, पहले हमले में भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर को निशाना बनाया गया. ईरानी सेना (IRGC) की दो गन बोट्स अचानक जहाज के करीब आ गईं. बिना किसी रेडियो चेतावनी या बातचीत के उन्होंने टैंकर पर गोलीबारी शुरू कर दी. हालांकि हमले में जहाज और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं. इसके कुछ देर बाद भारत के एक और जहाज को ईरानी सेना (IRGC) ने निशाना बनाया. ये हमला ओमान तट के करीब हुआ. UKMTO के रिपोर्ट के मुताबिक, इस सुपर टैंकर पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया.
होर्मुज तनाव पर भारत के लिहाज से बड़े अपडेट्स
- विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में अब भी 14 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं. इस जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है.
- 28 फरवरी को मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पिछले 52 दिनों के दौरान 10 भारतीय-ध्वज वाले एलपीजी और ऑयल टैंकर्स को वहां से सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है.
- ताजा जानकारी के मुताबिक, 14 भारतीय-ध्वज वाले जहाज़ अब भी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में फंसे हुए हैं. इनमें 3 बड़े ऑयल टैंकर्स हैं, जबकि एक बड़ा एलपीजी टैंकर है.
- अधिकारियों ने बताया कि अब तक 2,563 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 25 नाविक शामिल हैं.
अजीत डोभाल ने अरब की यात्रा में की चर्चा
अधिकारियों ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 19 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा की. इस दौरान उन्होंने वहां के ऊर्जा मंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से मुलाकात की. इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा, आपसी विचार-विमर्श तथा क्षेत्रीय स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई.
LPG संकट पर सरकार ने क्या कुछ बताया?
- पश्चिम एशिया संकट के कारण देश में LPG आपूर्ति प्रभावित हुई थी. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रभावी प्रबंधन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने सुजाता शर्मा ने जानकारी दी है.
- घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाया गया है, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग की अवधि बढ़ाई गई है और डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) लागू किया गया है, जिसका कवरेज अब 92% तक पहुंच चुका है.
- इन उपायों के कारण घरेलू LPG की आपूर्ति सामान्य है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है. कमर्शियल LPG की आपूर्ति लगभग 70% तक बहाल हो चुकी है और पिछले पांच दिनों में औसतन करीब 7000 टन प्रतिदिन बिक्री हो रही है.
- ऑटो LPG की बिक्री बढ़कर लगभग 350 टन प्रतिदिन हो गई है, जो फरवरी में 177 टन प्रतिदिन थी. 5 किलो के सिलेंडरों की बिक्री में भी वृद्धि हुई है. 3 अप्रैल से अब तक लगभग 7000 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें करीब 1 लाख 5 किलो के सिलेंडर वितरित किए गए हैं.
23 मार्च से अब तक लगभग 18.45 लाख 5 किलो के सिलेंडर बेचे गए हैं. प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में घरेलू उपभोक्ताओं और CNG परिवहन को प्राथमिकता देते हुए 100% आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. PNG नेटवर्क को बढ़ावा देने वाले 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 10% अतिरिक्त कमर्शियल LPG आवंटित किया जा रहा है.
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