- ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर रखा है जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है.
- भारतीय जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिली है जिससे ईंधन संकट की आशंका कम हुई है.
- ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने पुष्टि की है कि भारत के जहाजों को होर्मुज से निर्बाध आवागमन मिलेगा.
ईरान का अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे जंग को लेकर पूरे गल्फ में संघर्ष के हालात है. ईरान ने व्यापार के अहम रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर रखा है. जिससे दुनिया के कई देशों में तेल की किल्लत होने लगी है. होर्मुज पर भारत आने वाली कई जहाजें भी फंसी हैं. लेकिन अब दोनों देशों के कूटनीतिक प्रयास से भारतीय जहाजों को होर्मुज से सेफ पैसेज मिलने लगा है. अभी तक भारत की 3 जहाज होर्मुज को पास कर पहुंची है. इससे भारत में संभावित ईंधन संकट की चिंता दूर हुई है. इस बीच शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने संकेत दिया कि होर्मुज से भारतीय जहाजों को सेफ पैसेज मिलता रहेगा.
ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने दिया जवाब
न्यूज एजेंसी ANI के साथ इंटरव्यू में जब ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही से पूछा गया कि क्या भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवागमन की अनुमति दी जाएगी, तो उन्होंने जवाब दिया, "हां." उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि हमारे दूतावास ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने का अवसर प्रदान करने का प्रयास किया था."
अधिकांश भारतीयों का दिल ईरान के साथः डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही
डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा, "मैं कह सकता हूं कि अधिकांश भारतीयों का दिल ईरान के साथ है... मैं तो यह भी कह सकता हूं कि वे युद्ध के खिलाफ हैं... हमने ईरान में अपने लोगों को भारत में अपने भाइयों और बहनों की एकजुटता से अवगत कराया. हमने उन्हें यह भी बताया कि वे इस समय गैस और पेट्रोल की कमी से जूझ रहे हैं, और हम उनकी मदद और समर्थन करते हैं. हमारे दूतावास ने भी इस मुद्दे पर कई बार मदद करने और भारत में हमारे प्रिय भाइयों और बहनों की समस्या का समाधान करने का प्रयास किया."
अब तक तीन भारतीय जहाज को होर्मुज से मिला सेफ पैसेज
इससे पहले शुक्रवार को भारत में रह रहे ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा था कि ईरान होर्मुज में भारतीय जहाजों को सेफ पैसेज देगा. इसके बाद ही भारतीय ध्वज वाले दो लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस टैंकरों को होर्मुज पार करने की अनुमति मिल गई थी. शनिवार को भारत की दो जहाज शिवालिक और नंदा देवी LPG की बड़ी खेप लेकर होर्मुज से पार हुई. इससे पहले भी एक जहाज होर्मुज से पार कर भारत पहुंचा है.
खाड़ी देशों पर नहीं अमेरिकी ठिकानों पर हमला
खाड़ी क्षेत्र में ईरान द्वारा किए जा रहे जवाबी हमलों की हो रही आलोचनाओं पर डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा, "अमेरिका ईरान से 6,000 मील से भी अधिक दूर है... ये ठिकाने कहां हैं, जिनका इस्तेमाल अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए कर रहा है? कल मैंने कुछ अमेरिकी सीनेटरों से सुना कि अमेरिका ने ईरान के आसपास 45 ठिकाने स्थापित किए हैं. अमेरिका इस क्षेत्र से क्या चाहता है?
हमें अपनी रक्षा करनी होगीः सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि
उन्होंने आगे कहा कि हमने युद्ध से पहले अपने पड़ोसियों से कहा था कि वे अमेरिका को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए ठिकाने न दें. उन्होंने हमें बताया कि वे अमेरिका को इसका इस्तेमाल नहीं करने देंगे. उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वे ऐसा नहीं होने देना चाहते... बहरीन से मिसाइलें दागी गईं, जिनमें 175 निर्दोष लड़कियाँ मारी गईं... हमें अपनी रक्षा करनी होगी. हमें इन ठिकानों को नष्ट करना होगा..."
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