ईरान-इजरायल के बीच जारी युद्ध हर बीतते दिन के साथ और बड़ा रूप लेता दिख रहा है. इस युद्ध के बीच भारत भी खाड़ी देशों में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट है. केंद्र सरकार लगातार अपने नागरिकों को खाड़ी देशों से निकाल रही है. 28 फरवरी से अब तक पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र से लगभग 2,80,000 यात्री भारत लौट चुके हैं. विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेकेटरी (गल्फ), असीम महाजन ने गुरुवार को ये अहम आंकड़े जारी करते हुए कहा कि 28 फरवरी 2026 से अब तक पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र से लगभग 2,80,000 यात्री भारत लौट चुके हैं. फ्लाइट सिचुएशन धीरे धीरे सामान्य हो रही है उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आज भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए 90 उड़ानें निर्धारित हैं. कल 85 विशेष फ्लाइट्स भारत पहुंची थीं.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक बड़ी संख्या में ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को वहां से निकला जा चुका है.भारत सरकार ईरान में भारतीय नागरिकों से संबंधित स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की सहायता से ईरान में मौजूद 640 से ज़्यादा भारतीय नागरिकों को जमीनी सीमा के रास्ते आर्मेनिया और अजरबैजान पहुंचाया जा चुका है.
हर हालात पर रखे हुए हैं नजर
विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के हालात पर कड़ी नज़र रख रहा है और भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है. भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए विदेश मंत्रालय ने एक विशेष नियंत्रण कक्ष सेटअप किया है.
भारतीयों के लिए एडवाइजरी भी जारी
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ईरान में भारतीय छात्रों की निरंतर सहायता कर रहा है, जिनमें वे छात्र भी शामिल हैं जो अजरबैजान में भूमि सीमा पार करना चाहते हैं. भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आर्मेनिया और अजरबैजान पहुँचने के लिए भूमि-सीमा पारगमन के लिए दूतावास के निर्देशों का पालन करें.विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पूरे क्षेत्र में भारतीय दूतावास और दूतावास चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, सामुदायिक संगठनों और संस्थाओं से संपर्क बनाए हुए हैं और समय समय पर सलाह जारी कर रहे हैं. हेल्पलाइन पर आने वाली पूछताछ में कमी से संकेत मिलता है कि फंसे हुए नागरिकों की कई जरूरी समस्याओं का काफी हद तक समाधान हो चुका है.
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