दक्षिण अमेरिका में ड्यूल-यूज केमिकल्स का बढ़ता खतरा, INTERPOL ने जारी किया ग्लोबल अलर्ट

इंटरपोल के ऑपरेशन CHASE में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दक्षिण अमेरिका में संगठित अपराधी अब वैध औद्योगिक रसायनों, खासकर डीजल ईंधन का इस्तेमाल कर गुप्त रूप से विस्फोटक तैयार कर रहे हैं.

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  • अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल ने दक्षिण अमेरिका में वैध इंडस्ट्रियल केमिकल्स से विस्फोटक बनाने पर अलर्ट
  • ऑपरेशन CHASE के दौरान कोलंबिया, इक्वाडोर और पेरू की एजेंसियों ने सीमाओं पर पचास हजार से अधिक जांच की हैं
  • अपराधी डीजल ईंधन और खेती में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को संशोधित कर गुप्त विस्फोटक बनाने में लगे हैं
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नई दिल्ली:

अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन INTERPOL ने दक्षिण अमेरिका में बढ़ते खतरनाक ट्रेंड को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. ऑपरेशन CHASE नाम की एक बड़ी कार्रवाई के दौरान यह खुलासा हुआ कि अपराधी अब वैध  इंडस्ट्रियल केमिकल्स, खासकर डीज़ल जैसे ईंधन का इस्तेमाल कर गुप्त तरीके से विस्फोटक तैयार कर रहे हैं.

50 हजार से ज्यादा जांच, 3 देशों की संयुक्त कार्रवाई

नवंबर 2025 में चलाए गए इस 12 दिन के ऑपरेशन में कोलंबिया, इक्वाडोर और पेरू की पुलिस, इमिग्रेशन और कस्टम एजेंसियों ने मिलकर काम किया. सीमाओं और बंदरगाहों पर 50,000 से ज्यादा जांच की गईं. इक्वाडोर में जांच के दौरान पुलिस को पब्लिक पैसेंजर बसों के कार्गो हिस्से में विस्फोटक डेटोनेटर मिले. अपराधी खुद आम यात्रियों के साथ सफर कर रहे थे ताकि सामान्य जांच से बच सकें. इस खतरनाक तरीके को देखते हुए इंटरपोल ने Orange Notice जारी किया है, ताकि उसके 196 सदस्य देशों को इस नए खतरे के बारे में चेतावनी दी जा सके.

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डीजल से बना रहे थे गुप्त विस्फोटक

इक्वाडोर-पेरू सीमा के हुआक्विलास इलाके में गश्त के दौरान यह भी सामने आया कि अपराधी खेती में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को मॉडिफाई कर टैंकर बना रहे थे और उसी के जरिए ईंधन की तस्करी कर रहे थे. जांच में पता चला कि संगठित अपराधी गिरोह कानूनी तौर पर बिकने वाले इंडस्ट्रियल केमिकल्स, खासकर डीज़ल ईंधन का इस्तेमाल कर क्लैंडेस्टाइन (गुप्त) विस्फोटक तैयार कर रहे हैं.

इस नए आपराधिक तरीके को लेकर इंटरपोल ने पर्पल नोटिस भी जारी किया है, ताकि दुनिया भर की एजेंसियां इस मॉडस ऑपरेंडी से सतर्क रहें.

ऑपरेशन के दौरान तीन गिरफ्तारियां हुईं. इनमें एक पेरू का नागरिक भी शामिल है, जिसे पहले से इंटरपोल के रेड नोटिस के तहत वांछित घोषित किया गया था. उसे अर्जेंटीना में पकड़ा गया. यह आरोपी पेरू के एक संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा है और उस पर विस्फोटक के जरिए रंगदारी, अवैध हथियार तस्करी और टारगेटेड हमलों जैसे गंभीर आरोप हैं.

तीनों देशों में संयुक्त कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और उपकरण जब्त किए गए, जिनमें 4,000 डेटोनेटर, 10,450 लीटर डीज़ल ईंधन, 60,000 मीटर सेफ्टी फ्यूज, 2 टन विस्फोटक, 18 एलपीजी सिलेंडर शामिल हैं.

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INTERPOL के मुताबिक, यह मामला दिखाता है कि अपराधी और आतंकी नेटवर्क अब वैध सप्लाई चेन का दुरुपयोग कर रहे हैं. इससे पहले दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिम अफ्रीका में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है. ऑपरेशन CHASE (Chemical Anti-Smuggling Enforcement) को कनाडा के ग्लोबल अफेयर्स विभाग का समर्थन प्राप्त है. यह ऑपरेशन साफ संकेत देता है कि अब अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं, जहां आम दिखने वाली चीजें भी बड़े खतरे में बदल सकती हैं. ऐसे में देशों के बीच तालमेल और खुफिया जानकारी साझा करना बेहद जरूरी हो गया है.

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