दुनियाभर में बढ़ते साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में INTERPOL ने बड़ी सफलता हासिल की है. इंटरपोल के समन्वय में चलाए गए ऑपरेशन Operation Synergia III के तहत 45,000 से ज्यादा खतरनाक और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे IP एड्रेस और सर्वर बंद कर दिए गए. इस अभियान के दौरान अलग-अलग देशों की पुलिस ने 94 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 110 अन्य संदिग्धों की जांच अभी जारी है.
फ्रांस स्थित इंटरपोल हेडक्वार्टर से हुआ समन्वय
यह अंतरराष्ट्रीय साइबर ऑपरेशन 18 जुलाई 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच चलाया गया, जिसमें दुनिया के 72 देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हिस्सा लिया. फ्रांस के शहर Lyon स्थित इंटरपोल मुख्यालय से इस पूरे अभियान का समन्वय किया गया. जांच एजेंसियों ने इस दौरान कई जगहों पर छापेमारी की और साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए संयुक्त कार्रवाई की. इस ऑपरेशन में कुल 212 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और सर्वर भी जब्त किए गए.
फिशिंग, मालवेयर और रैनसमवेयर नेटवर्क पर कार्रवाई
जांच के दौरान पता चला कि साइबर अपराधी फिशिंग, मालवेयर और रैनसमवेयर जैसे तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे थे. अपराधी नकली वेबसाइट बनाकर लोगों से बैंकिंग डिटेल, क्रेडिट कार्ड जानकारी और अन्य निजी डेटा चोरी कर रहे थे. कई मामलों में लोगों को झूठे लालच देकर पैसे ट्रांसफर करवाए जा रहे थे.
फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन ठगी का बड़ा जाल
जांच में सामने आया कि Macau की पुलिस ने 33,000 से ज्यादा फर्जी वेबसाइटों की पहचान की. ये वेबसाइटें नकली ऑनलाइन कैसीनो और बैंकिंग सेवाओं के नाम पर बनाई गई थीं. कई वेबसाइटें तो सरकारी और पेमेंट सर्विस जैसी दिखती थीं, जिससे आम लोग आसानी से ठगी का शिकार बन जाते थे. इन वेबसाइटों के जरिए लोगों से अकाउंट में पैसे जमा करवाए जाते थे या उनकी निजी जानकारी और क्रेडिट कार्ड डिटेल चुरा ली जाती थी.
रोमांस स्कैम और सोशल मीडिया हैकिंग
इसी अभियान के दौरान अफ्रीकी देश Togo में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया. ये आरोपी सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लोगों को निशाना बनाते थे. पहले वे किसी का अकाउंट हैक करते थे और फिर उसी अकाउंट से उसके दोस्तों या रिश्तेदारों से संपर्क कर रोमांस स्कैम या भावनात्मक झांसे के जरिए पैसे मांगते थे. कई मामलों में सेक्सटॉर्शन जैसी घटनाएं भी सामने आईं, जहां लोगों को ब्लैकमेल कर पैसे वसूले जाते थे.
इस ऑपरेशन के तहत बांग्लादेश में 40 गिरफ्तारी
बांग्लादेश में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की. यहां साइबर ठगी से जुड़े 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 134 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए. इन लोगों पर नौकरी और लोन दिलाने के नाम पर ठगी, पहचान की चोरी और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड जैसे कई साइबर अपराध करने का आरोप है.
इंटरपोल का बयान
इंटरपोल के साइबर क्राइम डायरेक्टरेट के निदेशक Neal Jetton ने कहा कि साल 2026 में साइबर अपराध पहले से ज्यादा खतरनाक और जटिल हो चुके हैं. लेकिन ऑपरेशन Synergia III यह दिखाता है कि अगर दुनिया भर की एजेंसियां मिलकर काम करें तो साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ा जा सकता है. उन्होंने कहा कि इंटरपोल लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी मदद के जरिए साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई को मजबूत बना रहा है.
72 देशों की संयुक्त कार्रवाई
इस बड़े साइबर ऑपरेशन में भारत समेत दुनिया के 72 देशों ने हिस्सा लिया. इसमें India, United Kingdom, United Arab Emirates, France, Japan, Spain और कई अफ्रीकी व एशियाई देशों की एजेंसियां शामिल रहीं. इस ऑपरेशन में इंटरपोल ने निजी साइबर सुरक्षा कंपनियों Group-IB, Trend Micro और S2W के साथ मिलकर काम किया, जिससे साइबर अपराधियों के सर्वर और नेटवर्क की पहचान कर उन्हें बंद कराया जा सका
साइबर अपराध के खिलाफ वैश्विक संदेश
विशेषज्ञों के मुताबिक यह ऑपरेशन साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि इंटरनेट पर छिपकर अपराध करना अब आसान नहीं रहा. दुनिया भर की एजेंसियां मिलकर ऐसे नेटवर्क को ट्रैक कर रही हैं. आने वाले समय में भी इंटरपोल और सदस्य देशों की पुलिस साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी जैसे मामलों के खिलाफ इसी तरह की संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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