भारतीय रेलवे ने बढ़ाया किराया, जानिए कहां-कहां खर्च होता है पूरा पैसा

भारतीय रेलवे ने यात्री किराया बढ़ा दिया है. हालांकि, 215 किलोमीटर तक साधारण किराए में बढ़ोतरी नहीं की गई है

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
भारतीय रेलवे कहां खर्च करती है पैसे
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • भारतीय रेलवे ने अपने यात्री किराए में एक बार फिर से बढ़ोतरी की है
  • 26 दिसंबर 2025 से किराए में बढ़ोतरी प्रभावी होगी, लोकल और मासिक सीजन टिकट में बढ़ोतरी नहीं
  • रेलवे ये भी बताया है कि उसकी आय का वेतन, पेंशन और ऑपरेशन में कितना खर्च होता है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

रेलवे ने नए साल से पहले यात्रियों के झटका दिया है. अब 26 दिसंबर से लोगों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी. इससे रेलवे को करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी जो वो अपने नेटवर्क को बढ़ाने में इस्तेमाल करेगी. आइए जानते हैं कि रेलवे की कमाई का हिस्सा कहां-कहां खर्च होता है. 

यह भी पढ़ें, भारतीय रेलवे ने बढ़ा दिया ट्रेन का किराया, अब जनरल और एक्‍सप्रेस ट्रेन में कितने पैसे ज्‍यादा देने होंगे?

बताया जा रहा है कि किराया बढ़ने से रेलवे को इस साल करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी. गौरतलब है कि बीते 10 साल में रेलवे का नेटवर्क और कामकाज काफी बढ़ा है. भारतीय रेलवे ने किराया बढ़ाने के पीछे तर्क भी दिया है. रेलवे का कहना है कि ट्रेनों के बेहतर संचालन के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है. इसलिए किराए से होने वाली आय नेटवर्क और कर्मचारियों पर खर्च होगा. 
 

अब जानिए कहां-कहां खर्च होता है रेलवे का पैसा 

मैनपावर खर्च: 1 लाख 15 हजार करोड़ 

पेंशन खर्च: 60 हजार करोड़

कुल ऑपरेशन खर्च: 2 लाख 63 हजार करोड़ (2024-25)

रेलवे के क्या-क्या बताया 

रेलवे ने किराए बढ़ाने के पीछे कई तर्क दिए हैं. रेलवे का कहना है कि बढ़ते खर्च को पूरा करने के लिए रेलवे माल ढुलाई बढ़ा रहा है और सीमित किराया बढ़ोतरी कर रहा है. रेलवे ने बताया कि सुरक्षा उपायों से रेलवे की सेफ्टी में बड़ा सुधार किया गया है और भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल ढोने वाला रेलवे नेटवर्क बना है. रेलवे ने बताया कि त्योहारों में 12,000 से ज्यादा ट्रेनों का सफल संचालन, बेहतर कार्यक्षमता का उदाहरण है. भारतीय रेलवे ने कहा कि आगे भी कुशलता बढ़ाने पर काम करता रहेगा. 


गौरतलब है कि इस साल जुलाई 1 को भी रेलवे ने किराये में मामूली बढ़ोतरी की थी. उस समय AC क्लास के लिए 2 पैसे प्रति किमी और नॉन-AC मेल/एक्सप्रेस के लिए 1 पैसे प्रति किमी की वृद्धि शामिल थी. ये बढ़ोतरी 500 किमी से अधिक की यात्रा पर था जबकि 500 किमी तक कोई बढ़ोतरी नहीं थी.

Featured Video Of The Day
Himanta vs Owaisi: हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ ओवैसी ने दर्ज कराई शिकायत | Breaking News
Topics mentioned in this article