- लेबनान में इजरायल के हमले में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत पर सरकार ने गहरी चिंता जताई है
- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत का हमेशा कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरी होनी चाहिए
- उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन और देशों की संप्रभुता व अखंडता का सम्मान करना आवश्यक है
ईरान युद्ध के बीच लेबनान में इजरायल के हमले में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत पर भारत सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए गहरी चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत का हमेशा जोर रहा है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. लेबनान में हुए हमलों में 300 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. कई इलाकों में भारी तबाही हुई है.
दक्षिण लेबनान के जरारियेह में इजरायली हवाई हमलों के बाद मलबे में तब्दील हुई इमारतें. Photo Credit: Xinhua via IANS
अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान जरूरी
जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना और देशों की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना बेहद आवश्यक है. लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम फोर्स (UNIFIL) पर हमले को खबर परेशान करने वाला बताते हुए प्रवक्ता ने कहा कि यूएन के ये सैनिक देश में शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए प्रयासरत हैं. उन्होंने बताया कि लेबनान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमारे स्थानीय मिशन लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.
कुवैत ने दिलाया ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा
जायसवाल ने अंतर मंत्रालयी प्रेस वार्ता में हरदीप पुरी की कुवैत यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि कुवैत भात का एक प्रमुख ऊर्जा सप्लायर है. कुवैत के ऊर्जा मंत्री ने विश्वास दिलाया है कि वह भरोसेमंद एनर्जी सप्लायर बने रहेंगे. हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंध और सहयोग पहले से ज्यादा मजबूत होंगे.
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पड़ोसियों की मदद कर रहा भारत
प्रवक्ता ने भारत की पड़ोसी देशों के साथ तेल डिप्लोमेसी की जानकारी देते हुए कहा कि अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ ही हम पड़ोसी देशों के आग्रह पर उनकी जरूरतें भी पूरा कर रहे हैं. हमने श्रीलंका को दो हफ्ते पहले 38 मिलियन टन पेट्रोलियम प्रोडक्ट उपलब्ध कराए हैं. हम मॉरीशस के साथ सरकार के स्तर पर तेल व गैस समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं.
देश में LPG की सप्लाई सामान्य
देश में तेल-गैस सप्लाई पर अपडेट देते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है. रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. पेट्रोल पंपों और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास भी स्टॉक की कमी नहीं है. एक भी डिस्ट्रिब्यूटर के पास ड्राई आउट नहीं हुआ है. उन्होंने दावा किया कि फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य है. 98 फीसदी बुकिंग ऑनलाइन हो रही है. 92 प्रतिशत डिलीवरी ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई भी 70 फीसदी तक बहाल कर दी गई है. इसमें अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, होटलों, ढाबों, मजदूर कैंपों, पैकेजिंग यूनिटों, दवा कंपनियों और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है.
3800 छापे, 950 FIR, 229 गिरफ्तार
सप्लाई में गड़बड़ी करने वालों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सरकार के सख्त रुख की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि देश भर में 3800 छापेमारी की गई हैं, जिसमें 450 सिलेंडर जब्त किए गए और 950 एफआईआर दर्ज की गई हैं. इन मामलों में 229 लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं. नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में 53 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि सरकार लोगों को एलपीजी के बजाय घरेलू पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है पिछले पांच हफ्तों में ही 4 लाख से ज्यादा नए एलपीजी कनेक्शन और करीब साढ़े चार लाख नए उपभोक्ता रजिस्टर्ड हुए हैं.
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