ग्रोथ में अमेरिका-चीन से भी आगे भारत, कैसे बने ग्लोबल पावरहाउस, विश्व बैंक प्रमुख ने दिए आर्थिक मंत्र

वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा ने आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए वस्तु एवं सेवा कर (GST) को भारत की तरक्की में मील का बड़ा पत्थर बताया.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • वर्ल्ड बैंक चीफ अजय बंगा ने कहा कि भारत ने 7.5% विकास दर के साथ अमेरिका-चीन को पीछे छोड़ दिया है
  • कहा कि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि में बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स में हुए सुधारों का अहम योगदान है
  • अजय बंगा ने भारत की युवा आबादी पर निवेश के साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर में सुधारों पर जोर दिया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा ने भारतीय अर्थव्यवस्था की जमकर सराहना करते हुए कहा है कि आर्थिक वृद्धि के मामले में भारत ने दुनिया की उम्मीदों से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया है. एनडीटीवी को दिए खास इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत 7.5 प्रतिशत की मजबूत विकास दर के साथ अमेरिका और चीन दोनों से आगे निकल गया है. भारत की इस तेज आर्थिक रफ्तार के पीछे वह देश में हो रहे बुनियादी सुधार और इन्फ्रास्ट्रक्चर में हुए भारी निवेश को मुख्य कारण मानते हैं.

आर्थिक ग्रोथ में भारत नंबर-1

अजय बंगा ने कहा कि पिछले साल-डेढ़ साल में वैश्विक अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर रही है. अमेरिका की स्थिति अनुमान से अच्छी दिखी है. हालांकि जिन दो देशों ने ग्रोथ के शुरुआती अनुमानों से ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है, वो हैं- भारत और चीन. उन्होंने जोर देकर कहा कि इन तीनों प्रमुख देशों में भारत की 7.5 प्रतिशत की विकास दर सबसे अधिक रही है, जो भारत की आर्थिक मजबूती का एक बड़ा सबूत है.

पढ़ें- Economic Survey 2026: देश की अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर, GDP से लेकर नौकरियों तक, जानें आर्थिक सर्वे की बड़ी बातें

बुनियादी ढांचे में सुधारों की तारीफ की

देश के बुनियादी ढांचे खासकर लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में हुए सुधारों की तारीफ करते हुए अजय बंगा ने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन जो काम हुआ है, उसे कम करके नहीं आंका जा सकता. उन्होंने कहा कि भारत को वाकई प्रतिस्पर्धी बनना है तो लॉजिस्टिक्स की लागत को जीडीपी के 14 प्रतिशत से घटाकर सिंगल डिजिट में लाने की जरूरत है. परिवहन और रसद की लागत घटने से भारतीय बाजार ग्लोबल स्तर पर और ज्यादा ताकतवर होकर उभरेगा.

युवा आबादी में निवेश पर जोर दिया

वर्ल्ड बैंक चीफ ने भारत में डेमोग्राफिक डिविडेंड यानी अच्छी युवा आबादी का जिक्र करते हुए मानव पूंजी में निवेश की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत के पास कच्चा टैलेंट है, बड़ी संख्या में वर्कफोर्स मौजूद है, लेकिन इसे प्रोडक्टिव वर्कफोर्स में बदलने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक साथ काम करना होगा. उनका कहना था कि इन दोनों क्षेत्रों में निवेश के बिना विकास की इस रफ्तार को लंबे समय तक बनाए रखना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.

Advertisement

पढ़ें- Economic Survey 2026: बजट से पहले आई खुशखबरी, 7.4% की रफ्तार से बढ़ेगी देश की इकोनॉमी, वित्त मंत्री ने पेश किया 'रिपोर्ट कार्ड'

GST को बताया मील का पत्थर

आर्थिक सुधारों पर बात करते हुए अजय बंगा ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) को भारत की तरक्की में मील का बड़ा पत्थर बताया. उन्होंने इसके लिए दिवंगत वित्त मंत्री अरुण जेटली के योगदान को याद करते हुए कहा कि पीएम मोदी और कई राजनीतिक दलों के सहयोग के बिना इतना बड़ा सुधार संभव नहीं था. 

Advertisement

व्यापार को आसान बनाने का सुझाव

इसके साथ ही उन्होंने व्यापार करने की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए भूमि व श्रम सुधारों पर फोकस करने का सुझाव दिया. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर होटल खोलने के लिए 100 के बजाय सिर्फ 20 परमिट ही लेने पड़ें तो तो व्यापार की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी.

निवेशक फ्रेंडली नीतियां देंगी नई रफ्तार

विश्व बैंक के प्रमुख बंगा ने डिजिटलीकरण और निवेशकों के अनुकूल नीतियां तैयार करने पर भी जोर दिया. उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि संप्रभु निवेशक विवाद संधि (Sovereign Investor Dispute Treaty) जैसे कदम टी20 मैच में लिए जाने वाले सिंगल्स और डबल्स की तरह हैं. ये छोटे-छोटे-छोटे सुधार ही आगे चलकर अर्थव्यवस्था में चौका लगाने यानी बड़े आर्थिक लक्ष्य हासिल करने में सक्षम बनाते हैं.

Advertisement

ये भी देखें- 135 अरब रेमिटेंस, 700 अरब का विदेशी भंडार, ग्लोबल इकोनॉमी का पावरहाउस बना भारत

Featured Video Of The Day
UGC के नए नियमों को Supreme Court ने बताया अस्पष्ट, लगाई रोक..नोटिस भेज मांगा जवाब | New UGC Rules