LAC सीमा पर अरुणाचल सरकार की कैबिनेट बैठक की ये तस्वीर देख चीन को क्यों लगेगी मिर्ची, पढ़ें

सीएम खांडू की ये बैठक उस समय हुई है जब भारत ने अरुणाचल प्रदेश में चीन के दखल पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा है कि ऐसे प्रयास करना व्यर्थ और निरर्थक हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
अरुणाचल प्रदेश की सरकार ने चीनी बॉर्डर के पास की बैठक
नई दिल्ली:

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पेमा खांडू ने मंगलवार को भारत-चीन सीमा पर अंजॉ जिले में अंतिम चौकी किबिथु में कैबिनेट बैठक कर इतिहास रच दिया. उनकी ये बैठक अब काफी चर्चाओं में है. सीएम खांडू ने यहां अपनी कैबिनेट की बैठक बुलाकर चीन का साफ संदेश दे दिया है कि वह भारत की जमीन से दूर ही रहे. इस कैबिनेट बैठक को लेकर एक आधिकारिक बयान भी जारी किया गया है. इस बयान में कहा गया है कि सरकार ने ‘कैबिनेट आपके द्वार' की अवधारणा को एक कदम आगे बढ़ाते हुए इसे एक सुदूर इलाके में आयोजित किया. इस बैठक का मकसद राज्य के विकास को और गति देने का है. इस बैठक में कई अहम फैसले भी लिए गए हैं. 

सीएम खांडू ने इस बैठक को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट भी किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अंजॉ जिले के भारत के पहले गांव किबिथू में कैबिनेट आपके द्वार की ऐतिहासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए.
अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, हम अपने लोगों के कल्याण के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए लगन से काम कर रहे हैं, कुशल सेवा वितरण के लिए सरकारी विभागों को मजबूत कर रहे हैं. राजस्व सृजन को बढ़ावा दे रहे हैं और अरुणाचल को आत्मनिर्भर बनाने के अपने मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं. 

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अंजॉ का हर गांव वादों से कहीं ज़्यादा का हकदार है. यह दिखने वाले बदलाव का हकदार है. और साथ मिलकर, हम न केवल रिपोर्टों की समीक्षा करने के लिए, बल्कि प्रगति के लिए अपने साझा दृष्टिकोण को फिर से जगाने के लिए एकत्र हुए. उपमुख्यमंत्री चौना मीन जी,माननीय मंत्री श्रीमती दासंगलू पुल जी,पंचायत नेताओं,विभागाध्यक्षों और प्रमुख हितधारकों के साथ,हमने इस बात पर गहन चर्चा की कि हमारे लोगों के लिए वास्तव में क्या मायने रखता है. 

आपको बता दें कि भारत सरकार ने यह फैसला उस वक्त लिया है जब अरुणाचल प्रदेश में चीनी दखल को लेकर केंद्र ने चीन को दो टूक सुना दिया है. अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों के नाम बदलने के चीन के प्रयास पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर कहा है कि ये एक व्यर्थ और निरर्थक प्रयास है.मंत्रालय ने कहा है कि हम चीन के इस प्रयास को पूरी तरह से अस्वीकार करते हैं.हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा.  

Advertisement
Featured Video Of The Day
Vaishno Devi Tragedy: वैष्णो देवी हादसा, पहाड़ों का सिग्नल क्या? | Vaishno Devi Yatra | X Ray Report
Topics mentioned in this article