सुंदर पिचाई से लेकर सैम ऑल्टमैन तक... टेक दिग्गजों की नजर में कैसी होगी AI की दुनिया?

'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' में दुनियाभर के टेक दिग्गज शामिल हुए हैं. इनमें गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बताया कि एआई की दुनिया कैसी है?

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  • दिल्ली में हो रही इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में टेक दिग्गजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपने विचार साझा किए
  • ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि एआई सॉफ्टवेयर उद्योग के कामकाज को पूरी तरह बदल देगा
  • गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एआई को जीवन का सबसे बड़ा बदलाव बताया और इसके जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया
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नई दिल्ली:

दिल्ली के भारत मंडपम में हो रही 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' में दुनियाभर के टेक दिग्गज शामिल हुए हैं. इस समिट में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया' को लेकर दिग्गज अपनी राय रख रहे हैं. ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि एआई सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल देगा. वहीं, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एआई को जिंदगी का सबसे बड़ा बदलाव बताया. एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने भी कहा कि एआई में जो क्षमता है, वैसी पहले किसी तकनीक में नहीं देखी.

श्र्नाइडर के सीईओ ने भारत पर जताया भरोसा

श्नाइडर इलेक्ट्रिक के सीईओ ओलिवियर ब्लम ने कहा कि भारत उस दौर में जा रहा है, जहां से वह ग्लोबल इनोवेशन की अगुवाई कर सकता है, खासकर एआई और एनर्जी इंटेलिजेंस में. उन्होंने कहा, 'यदि आप भारत की जटिलताओं को सुलझा लेते हैं, तो आप दुनिया में कहीं भी सफल हो सकते हैं.'

उन्होंने कहा कि 'मैं भारत में इनोवेशन के स्तर को जानता हूं, जिसे कुछ लोग 'जुगाड़' भी कहते हैं. लेकिन भारत में क्रिएटिविटी का जो स्तर है, उससे इस धरती की सबसे जटिल समस्याओं को सुलझाने वाली नयी प्रणालियां तैयार की जा सकती हैं.'

सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री को बदल देगा AI: ऑल्टमैन

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने गुरुवार को कहा कि एआई सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को बदल देगा. उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों के लिए यह नुकसानदेह हो सकता है जबकि कई अन्य कंपनियां अपनी अलग मूल्य पेशकश (वैल्यू प्रपोज़िशन) के कारण इससे लाभ उठा सकेंगी.

ऑल्टमैन ने कहा कि एआई के कारण टेक कंपनियों के लिए बहुत कुछ बदलने वाला है, क्योंकि 'कोडिंग' अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गई है. उन्होंने कहा कि 'यह पूरी तरह सच है कि अब सॉफ्टवेयर बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है और मुझे यकीन है कि यह कुछ सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए काफी बुरा साबित होगा. हालांकि, मेरा मानना है कि कई सॉफ्टवेयर कंपनियों की मूल्य पेशकश इससे काफी अलग है.'

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'इंसानी इतिहास की सबसे बदलावकारी टेक्नोलॉजी'

गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस ने एआई को वैज्ञानिक खोजों में तेजी लाने का एक बेहतरीन उपकरण और मानव प्रतिभा को कई गुना बढ़ाने वाली टेक्नोलॉजी बताया. उन्होंने एआई को मानव इतिहास की सबसे बदलावकारी टेक्नोलॉजी में से एक बताया और इस बात पर जोर दिया कि दुनिया इसके विकास में एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है.

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हसाबिस ने कहा कि 'आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) के आगमन के साथ, अब इस समय को बहुत सावधानी और सोच-समझकर आगे बढ़ाना होगा और अगर हम ऐसा करते हैं, तो मुझे पूरा विश्वास है कि एक नए महान युग की शुरुआत करेंगे.' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि एआई उन सवालों के जवाब खोजने में हमारी मदद कर सकता है, जिन पर हम हजारों वर्षों से विचार करते आ रहे हैं.'

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने क्या कहा?

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि एआई में तेजी से प्रगति करने वाला युग लाने की क्षमता है. उन्होंने यह भी कहा कि एआई जितना किसी भी टेक्नोलॉजी ने उन्हें 'बड़े सपने देखने' के लिए प्रेरित नहीं किया.

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उन्होंने कहा, 'यह हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा बदलाव है. हम तीव्र प्रगति और नई खोजों के मुहाने पर हैं जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं को पुरानी कमियों को दूर करने में मदद कर सकती हैं. हालांकि यह परिणाम न तो निश्चित है और न ही स्वचालित. ऐसी एआई बनाने के लिए जो वास्तव में सभी के लिए उपयोगी हो, हमें साहसपूर्वक प्रयास करना होगा, जिम्मेदारी से काम लेना होगा और इस निर्णायक क्षण में मिलकर काम करना होगा.'

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पिचाई ने कहा कि एआई अरबों लोगों के जीवन को बेहतर बना सकता है और विज्ञान की कुछ सबसे कठिन समस्याओं को हल कर सकता है.

ऐसी क्षमता पहले कभी नहीं देखी: एंथ्रोपिक के सीईओ

एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा कि एआई करीब एक दशक से तेजी से विकास कर रहा है. कुछ ही साल में एआई मॉडल, ज्यादातर कामों में इंसानों की क्षमताओं को पार कर जाएंगे.

उन्होंने कहा, 'अधिकतर मामलों में, हम उस स्थिति के तेजी से करीब पहुंच रहे हैं जिसे मैंने डेटा सेंटर में प्रतिभाओं का देश कहा है. एआई एजेंट का एक ऐसा समूह जो ज्यादातर कामों में मनुष्यों से ज्यादा सक्षम है और अलौकिक गति से समन्वय कर सकता है. इस स्तर की क्षमता दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी है और यह मानवता के लिए अवसर और चिंता दोनों लाता है.'

अमोदेई ने कहा कि ऐसी प्रणालियां उन बीमारियों का इलाज करने में मदद कर सकती हैं जो हजारों वर्षों से लाइलाज रही हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी तकनीक का दुरुपयोग होने का भी खतरा है और ऐसे में भारत की भूमिका अहम हो जाती है.

भारत में ज्यादा दिखेगा AI का असर: नारायण

एडोब के चेयरमैन और सीईओ शांतनु नारायण ने कहा कि भारत में एआई के प्रभाव अगले कुछ सालों में दुनिया के अन्य किसी भी देश की तुलना में ज्यादा नजर आएंगे क्योंकि यहां आबादी ज्यादा है.

उन्होंने कहा, 'प्रभावों के संदर्भ में एक बात यह है कि भारत में एआई का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या अगले कुछ सालों में दुनिया के किसी भी अन्य देश से अधिक होगी.'

नारायण ने कहा कि भारत की नेतृत्वकारी भूमिका केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि इन मॉडल के क्या मायने हैं, बल्कि इस बात में भी है कि आप डेटा के बारे में कैसे सोचते हैं? आप गोपनीयता, सुरक्षा और भरोसे के बारे में कैसे सोचते हैं?

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