- दिल्ली के कनॉट प्लेस में पार्टी से लौट रहे शिवम गुप्ता की कुछ युवकों ने सिर पर हेलमेट से हमला किया था
- शिवम को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी
- पुलिस ने घटना स्थल से खून से सना सामान जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है
राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां देर रात पार्टी में गए 36 साल के कारोबारी शिवम गुप्ता की कुछ लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि खाना डिलीवरी करने वाले कुछ युवकों ने एक मामूली कहासुनी के बाद शिवम के सिर पर हेलमेट से बेरहमी से हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इस घटना के बाद उसे फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां इलाजे के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस के अनुसार शिवम गुप्ता की मौत 19 जनवरी को हुई है लेकिन इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अब हुई है. पुलिस ने अभी तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश जारी है.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 3 जनवरी की रात पीसीआर पर सूचना मिल थी कि एक शख्स कनॉट प्लेस के ई ब्लॉक में घायल हालत में पड़ा हुआ है. पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची थी शख्स की हालत बेहद खराब थी. उसे फौरन लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां बाद में उसकी पहचान शिवम गुप्ता के रूप में की गई. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने सिर में कई गंभीर अंदरूनी चोटें (हेमाटोमा) पाईं और शिवम को बयान देने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया. बाद में पुलिस ने बेहतर इलाज के लिए शिवम को 4 जनवरी को राम मनोहर लोहिया अस्पताल शिफ्ट किया. जहां 5 जनवरी को शिवम गुप्ता की सर्जरी हुई. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद शिवम गुप्ता के पिता ने बताया कि डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि चोटें जानलेवा हैं. ऑपरेशन के बाद 36 से 72 घंटे बेहद अहम हैं. कुछ वक्त के लिए उम्मीद जगी थी, वह डॉक्टरों की आवाज़ पर प्रतिक्रिया भी दे रहा था लेकिन 19 जनवरी को उसने हमें छोड़ दिया.
सूत्रों के मुताबिक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया गया है, जबकि बाकी की भूमिका की जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं. शिवम के पिता, जो पहाड़गंज इलाके में दो दुकानें चलाते हैं, ने बताया कि मेरा बेटा ही मेरा सब कुछ था. अब हमारे पास सिर्फ इंसाफ की उम्मीद बची है. दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि किसी और का घर यूं न उजड़े.
आपको बता दें कि पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर के रहने वाले शिवम अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे. उनके पिता अनिल कांत गुप्ता ने बताया कि 2 जनवरी की शाम शिवम एक दोस्त के साथ पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटा.मैं बार-बार फोन करता रहा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। थोड़ी देर बाद पुलिस का फोन आया कि मेरा बेटा अस्पताल में भर्ती है.
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