हिमाचल प्रदेश में मानसून बना आफत! 9 जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी

20 जून को मानसून के आगमन के बाद से हिमाचल प्रदेश में 31 बार अचानक बाढ़, 22 बार बादल फटने और 18 बार भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे राज्य में बुनियादी ढांचे और संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा है.

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मंडी में 121 सड़कें, कुल्लू में 23 और सिरमौर जिले में 13 सड़कें बंद हैं.
शिमला:

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से प्रदेश में कई स्थानों पर भूस्खलन और बाढ़ आई है, जिससे 20 जून से अब तक 1,220 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इसी बीच राज्य के मौसम विभाग ने 9 जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने राजधानी शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा, किन्नौर, सोलन सिरमौर ,कुल्लु जिलों के कई स्थानों पर मध्यम बारिश से भारी बारिश होने की संभावना जताई है. किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ आने की संभावना भी जताई है.  जिसको लेकर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में फ़्लश फ्लड की चेतावनी जारी की हैं और नदी नालों के पास न जाने की हिदायत दी . इससे पहले  स्थानीय मौसम कार्यालय ने सोमवार और बुधवार को भारी बारिश को लेकर ‘ऑरेंज' अलर्ट जारी किया था. 

इस मानसून में राज्य में अब तक 112 लोगों की मौत हुई है जिनमें तीन लोगों की मौत पिछले 24 घंटे में हुई हैं. मंडी में 121 सड़कें, कुल्लू में 23 और सिरमौर जिले में 13 सड़कें बंद हैं.

हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी और राज्य में हाल ही में हुई बारिश तथा अचानक आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए समर्थन मांगा थी. सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री को विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में हो रही देरी के बारे में भी जानकारी दी तथा निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का अनुरोध किया था.

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