ICICI-वीडियोकॉन घोटाला : चंदा कोचर के पति को राहत, SC ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा

बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने 25 मार्च 2021 के आदेश के माध्यम से कोचर को इस शर्त पर जमानत दे दी थी कि वह 3 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरेंगे और अपना पासपोर्ट जमा करेंगे. 

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ICICI बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर के पति को सुप्रीम कोर्ट से राहत (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन घोटाले मामले में ICICI बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) चंदा कोचर (Chanda Kochhar) के पति दीपक कोचर को राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दीपक कोचर (Deepak Kochhar) को जमानत देने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है. शीर्ष न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका सोमवार को खारिज कर दी. 

दरअसल, कोचर करोड़ों रुपये के ICCI बैंक-वीडियोकॉन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस (CJI) एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच के सामने हुई. 

बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने 25 मार्च 2021 के आदेश के माध्यम से कोचर को इस शर्त पर जमानत दे दी थी कि वह 3 लाख 
रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरेंगे और अपना पासपोर्ट जमा करेंगे. 

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ED की जांच सीबीआई द्वारा जनवरी 2019 में दर्ज एक मामले पर आधारित है, जिसमें जून 2009 से अक्टूबर 2011 के बीच वीडियोकॉन समूह की पांच फर्मों को लगभग 1,575 करोड़ रुपये के ऋण देने में कथित अनियमितताएं पाई गई थीं

ED ने आरोप लगाया है कि लोन को मंजूरी समिति के नियमों और नीति के उल्लंघन में दी गई. आरोप यह है कि चंदा कोचर ने अपने पति दीपक कोचर की कंपनी सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ( SEPL) के माध्यम से आरोपी वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को लोन देने में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और कथित रूप से रिश्वत ली थी. 

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