एक्सपर्सन डेवलपर्स के साथ जुड़े गुरुग्राम भूमि अधिग्रहण मामले में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) ने कार्रवाई शुरू कर दी है. यह कदम प्रवर्तन निदेशालय (ED) के उस आरोप के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि कंपनी ने Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) का गलत इस्तेमाल कर Dignity Buildcon की संपत्तियों पर कब्जा किया.IBBI ने कहा कि नियम उल्लंघन पर कार्रवाई जारी है.
राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश के प्रश्न के लिखित जवाब में IBBI ने कहा कि संबंधित Insolvency Professional द्वारा किए गए कथित उल्लंघनों पर Inspection & Investigation Regulations के तहत “उचित कार्रवाई” की जा रही है. ED के अनुसार आरोप है कि Gurugram के 9.3-acre प्लॉट पर दबदबा बनाकर Resolution Plan पास कराया है. ED के अनुसार Religare Finvest से जुड़े PMLA मामले में Dignity Buildcon की संपत्तियां जांच एजेंसी ने अटैच की थीं
बाद में Experion Capital (ECPL) ने Creditors' Committee (CoC) में 60% वोटिंग राइट्स खरीद लिए. इसके साथ ही 35% वोटिंग शेयर वाले एक अन्य कर्जदाता का समर्थन लेकर Resolution Plan पास कराया गया. ईडी का कहना है कि ECPL ने 223.92 करोड़ रुपये वोटिंग राइट्स खरीदने में खर्च किए और Resolution Plan पास होने के बाद 334.08 करोड़ रुपये प्राप्त किए। यह IBC की धारा 30(5) का खुला दुरुपयोग है.
Experion Developers ने इस मामले को लेकर अपना पक्ष भी रखा है. कंपनी ने कहा कि है कि ये तमाम आरोप निराधार हैं. कंपनी प्रवक्ता के अनुसार सभी Debt Assignments का पूरा भुगतान किया गया था. हर बदलाव NCLT के सामने रखा गया. अपडेटेड CoC को IBBI वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया. कानून किसी भी Creditor को Resolution Applicant बनने की अनुमति देता है.कंपनी ने यह भी कहा कि उसने किसी कर्जदाता पर कोई अनुचित दबाव नहीं डाला.
SFIO जांच की सिफारिश
IBBI ने कहा कि शिकायत में उठाए गए कई मुद्दे आपराधिक जांच की मांग करते हैं. इसलिए Ministry of Corporate Affairs (MCA) को SFIO जांच शुरू करने पर विचार करने के लिए कहा गया है.














