"मोदी भगवान की तरह" : माला पहनाने के लिए PM का सुरक्षा घेरा तोड़ने वाला लड़का

छठी कक्षा में पढ़ने वाले कुणाल धोनगाडी ने कहा कि बैरिकेड के बीच में थोड़ा सा फासला था और वह उसमें से निकल कर बृहस्पतिवार को मोदी को फूलों की माला देने उन तक पहुंच गया.

विज्ञापन
Read Time: 21 mins
पुलिस ने लड़के और उसके परिवार के सदस्यों से बृहस्पतिवार को पूछताछ की थी और बाद में उन्हें छोड़ दिया.
हुबली (कर्नाटक):

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फूलों की माला पहनाने के लिए रोड शो के दौरान यहां उनका सुरक्षा घेरा तोड़ उन तक पहुंचने वाले लड़के ने शुक्रवार को कहा कि वह मोदी का ‘बड़ा प्रशंसक' है, जो ‘भगवान की तरह' हैं.

छठी कक्षा में पढ़ने वाले कुणाल धोनगाडी ने कहा कि बैरिकेड के बीच में थोड़ा सा फासला था और वह उसमें से निकल कर बृहस्पतिवार को मोदी को फूलों की माला देने उन तक पहुंच गया.

कुणाल धोनगाडी ने कहा, “मैं मोदी को माला पहनाने के लिए गया था. मैंने खबरों में सुना मोदीजी आएंगे. मैं (घर पर उनके बारे में) बार-बार पूछ रहा था और परिवार के सदस्यों के साथ वहां गया. मोदी जी अपनी कार से जा रहे थे. हम चाहते थे कि मेरे चाचा का ढाई साल का बच्चा आरएसएस की वर्दी पहनकर उन्हें माला पहनाए.”

उसने कहा, “लेकिन उन्होंने (मोदी ने) हमारी ओर नहीं देखा और लगा कि कार चली जाएगी तो मैं माला लेकर बैरिकेड के बीच के फासले से निकल गया.”

Advertisement

लड़के ने कहा कि मार्ग पर खड़े सभी लोगों और माला की पहले ही जांच की जा चुकी थी.

कुणाल धोनगाडी ने कहा, “मैं मोदी का बड़ा प्रशंसक हूं... वह अच्छे व्यक्ति हैं, भगवान के जैसे... मुझे खुशी है कि मैं माला उनतक ले जा सका और बहुत करीब से उन्हें देख सका.”

लड़का हाथ में माला लेकर प्रधानमंत्री मोदी के काफिले की ओर भागता दिख रहा था और वह मोदी के बहुत करीब पहुंचने में कामयाब रहा था.

Advertisement

प्रधानमंत्री ने कार के दरवाजे के ऊपर से माला लेने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन उक्त लड़के तक नहीं पहुंच सके. ‘स्पेशन प्रोटेक्शन ग्रुप' (एसपीजी) कर्मियों ने लड़के के हाथ से माला पकड़ी और उसे प्रधानमंत्री को दे दिया. मोदी ने उक्त माला अपनी कार के अंदर रख ली. स्थानीय पुलिस ने लड़के को पकड़ लिया और उसे वहां से दूर ले गए.

यह घटना उस समय हुई जब मोदी हवाई अड्डे से यहां 26वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन करने के लिए रेलवे खेल मैदान की ओर जा रहे थे.

पुलिस ने लड़के और उसके परिवार के सदस्यों से बृहस्पतिवार को पूछताछ की थी और बाद में उन्हें छोड़ दिया.

कुणाल के दादा ने कहा कि पुलिस ने पूछताछ कर अपना काम किया तथा जब पुलिस को लगा कि एक लड़के ने मासूमियत में प्रधानमंत्री का सुरक्षा घेरा तोड़ा है, तो पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया.

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने “हमसे पुलिस के साथ सहयोग करने कहा था और आश्वस्त किया था कि कुछ नहीं होगा, क्योंकि उन्हें पता है कि हम भाजपा और मोदी के निष्ठावान समर्थक हैं.”

Advertisement
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
West Bengal Election 2026: बंगाल में 'मिसिंग वोटर' बनेगा मास्टरस्ट्रोक?
Topics mentioned in this article