- गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने कथित तौर पर कोरियन गेम्स खेलने की लत से 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की
- तीनों बहनों ने सुसाइड नोट में लिखा था कि वे कोरिया को नहीं छोड़ सकतीं
- लॉकडाउन के दौरान बच्चों को फोन मिल गया. उनमें से कुछ ने OTT प्लेटफॉर्म्स पर कोरियन कंटेंट देखना शुरू किया
Ghaziabad Triple Suicide Case: हम जब अपने आस पास हर रोज हो रही घटनाओं पर जोर देखकर नजर डालते हैं, तो ऐसी खबरें सामने आती हैं जो हमें अंदर तक झकझोर कर रख देती हैं. एक ऐसी ही डराने वाली खबर यूपी के गाजियाबाद से आई है. गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने कथित तौर पर कोरियन गेम्स खेलते हुए नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी. लड़कियों ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए एक सुसाइड नोट छोड़ा है. पिता के अनुसार इस सुसाइड नोट में बच्चियों ने लिखा था कि 'सॉरी हम हम कोरिया नहीं छोड़ सकते. कोरिया हमारी जिंदगी और जान हैं. हम उसे नहीं छोड़ सकते...'
गौरतलब है कि यह जानकारी सामने आई है कि तीनों बहनों ने कोरोना के बाद इस गेम को खेलना शुरू किया था. ये तीनों बहनें कथित तौर पर कोरोना के बाद स्कूल नहीं जा रही थीं. यह वाकया न सिर्फ डराता है बल्कि हमारे सामने की सवाल पैदा करता है. माना जाता है कि कोरोना ने कोरियन कल्चर को भारत के अंदर मेनस्ट्रीम (मुख्यधारा) में लाने में बड़ी भूमिका निभाई है. किसी कल्चर का, वहां के टीवी शोज का, गेम्स का देश के अंदर आना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन जब यह इस हद तक पहुंच जाए कि छोटी बच्चियां कोरियन बॉयज के मिलने के लिए घर से भागने लगें, कोरियन गेम्स के लिए सुसाइड से जान दे दें तो बात हद से आगे निकल जाती है.
कोरोना ने कोरियन कल्चर को भारत में कैसे बढ़ावा दिया?
साल 2020- 21 में जब कोरोना के कारण लॉकडाउन लगा तो उस दौरान लोग घरों में बंद थे. वे OTT प्लेटफॉर्म्स पर ज्यादा समय बिताने लगे. भारत के लोग एक जैसे लगने वाले बॉलीवुड या हॉलीवुड के कंटेंट से ऊब चुके थे. तब लॉकडाउन के दौरान वे Netflix, Viki और YouTube पर विदेशी शो देखने लगे. कोरियाई ड्रामा अलग लगे क्योंकि उनमें भावनात्मक कहानियां, अच्छी प्रोडक्शन क्वालिटी और नए तरह के सब्जेक्ट थे, जो भारतीय संस्कृति से भी काफी हद तक जुड़े हुए महसूस होते थे. कोरोना में बच्चों को स्कूल नहीं जाना था, उन्हें पढ़ने के लिए मोबाइल मिल गया था. वो माता-पिता को बताकर और कई बार बिना बताए कोरियन शो देखने लगे. बढ़े हुए स्क्रीन टाइम ने कोरियाई कंटेंट को तेजी से फैलने का मौका दिया.
बची-कुची कसर इंस्टाग्राम में पूरी कर दी. कोरियाई ड्रामा और K-pop से जुड़े क्लिप्स, मीम्स और रील्स तेजी से वायरल होने लगे. कई बच्चे तो पूरा शो ही रील्स में तोड़तोड़ कर देखने लगे. इन शोज या गेम्स में हिंसा नहीं थी तो मां-बाप ने भी ज्यादा नहीं टोका. अब कई ऐसे मामले आए हैं जिसमें भारत के छोटे शहरों से लड़कियां इसलिए भागी हैं क्योंकि उन्हें कोरिया जाना है.













