महाराष्ट्र की राजनीति में रायगढ़ जिला एक बार फिर चर्चाओं में है. चर्चाओं में रहने की सबसे बड़ी वजह है कि एक चुनावी बैनर.यह चुनावी बैनर किसी और पार्टी का नहीं बल्कि एनसीपी का है और इस बैनर से सूबे की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और वरिष्ठ नेता रहे अजित पवार की तस्वीर गायब मिलीं. इस पोस्टर पर सिर्फ सांसद सुनील तटकरे और उनके परिवार के सदस्यों की तस्वीरें ही लगाई गई थी. तटकरे के इस फैसले से राज्य की सियासत में पार्टी के भीतर ही सबकुछ ठीक नहीं हैं, जैसे कयास लगाने जाने लगे.
खास बात ये है कि NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे पर गुटबाज़ी के कई आरोपों के बीच, यह बैनर लगवाया है. ये कोई पहली दफा नहीं है. इससे पहले ज़िला परिषद चुनावों के लिए प्रचार रैलियों के दौरान भी, बैनरों पर केवल सुनील तटकरे की तस्वीर थी, और अन्य नेताओं की कोई तस्वीर नहीं थी.
मंत्री अदिति तटकरे के निर्वाचन क्षेत्र इंदापुर में, नवनिर्वाचित ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में, मंच पर लगे बैनर पर सुनील तटकरे, अदिति तटकरे, पूर्व विधायक अनिकेत तटकरे और स्थानीय नेताओं की तस्वीरें लगी थीं. हालाँकि, इसमें अजित पवार और सुनेत्रा पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें शामिल नहीं थीं.
रायगढ़ में NCP के बैनरों से पार्टी के शीर्ष नेताओं की तस्वीरों का गायब होना, राजनीतिक गलियारों में अटकलों का विषय बन गया है.जब संपर्क किया गया, तो NCP के मानगांव तालुका अध्यक्ष काका नवगणे ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
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