होटल कर्मी ने पुलिस वर्दी में बनाई रील, कहा- CM की सिक्योरिटी में हूं, मिलवा सकता हूं; वायरल होते पहुंचा जेल

आरोपी 26 अप्रैल की शाम को पूरी खाकी वर्दी पहनकर सचिवालय परिसर में दाखिल हुआ. उसने छोटी-छोटी "रील" वीडियो रिकॉर्ड कीं और उन्हें ऑनलाइन अपलोड कर दिया. इन वीडियो में उसने दावा किया कि वह बिना किसी अपॉइंटमेंट के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से सीधे मुलाकात करवा सकता है.

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वायरल रील में पुलिस की वर्दी में आरोपी और फिर पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.
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  • हैदराबाद के होटल कर्मचारी रवि ने पुलिस की वर्दी पहनकर मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम का झूठा दावा किया था.
  • रवि ने तेलंगाना सचिवालय के बाहर कई रील वीडियो बनाई और सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री से मिलने का झूठा दावा किया.
  • पुलिस ने रवि को गिरफ्तार कर उसके पास से फर्जी वर्दी, टोपियां, बेल्ट, नेमप्लेट और मोबाइल फोन जब्त किए.
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हैदराबाद:

इन दिनों रीलबाजी का चस्का हर किसी के सिर पर चढ़ा है. रील बनाने वालों की एक फेहरिस्त लगातार ही लंबी होती जा रही है. वायरल होने के लिए लोग कुछ ऐसा कर जाते हैं कि जेल की हवा तक खानी पड़ जा रही है. ऐसा ही एक मामला हैदराबाद से सामने आया है. जहां एक होटल कर्मचारी ने पुलिस की वर्दी में रील बनाई, इस रील में दावा किया कि वो सीएम की सुरक्षा टीम में शामिल है. वायरल रील में वो यह भी कहता दिखाई दे रहा है कि किसी को सीएम से मिलना हो तो मिलवा भी सकता हूं. सोशल मीडिया वायरल हुई यह रील असली पुलिस तक भी पहुंची जिसके बाद पुलिस ने आरोपी होटल कर्मी को गिरफ्तार कर लिया है. 

तेलंगाना सचिवालय के बाहर बनाया था रील

वायरल रील में होटल कर्मी तेलंगाना सचिवालय के बाहर नजर आ रहा था. अब उसे हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान अंबरपेट थतूरी रवि (31 वर्ष) के रूप में हुई है. वह एक होटल कर्मचारी है. आरोप है कि उसने पुलिस की वर्दी पहनी और मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम के सदस्य के तौर पर काम किया.

हैदराबाद पुलिस गिरफ्त में आरोपी.

26 अप्रैल की शाम पुलिस वर्दी पहन पहुंचा था सचिवालय

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रवि 26 अप्रैल की शाम को पूरी खाकी वर्दी पहनकर सचिवालय परिसर में दाखिल हुआ. उसने छोटी-छोटी "रील" वीडियो रिकॉर्ड कीं और उन्हें ऑनलाइन अपलोड कर दिया. इन वीडियो में उसने दावा किया कि वह बिना किसी अपॉइंटमेंट के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से सीधे मुलाकात करवा सकता है. एक वीडियो में तो उसने दर्शकों से यह भी कहा कि अगर वे मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं, तो उससे संपर्क करें.

इस रील ने जल्दी ही लोगों का ध्यान खींचा और शक पैदा कर दिया, जिससे असली पुलिस वालों की नज़र भी इस पर पड़ गई. इसके बाद सैफ़ाबाद पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और IT एक्ट की कई धाराओं के तहत, किसी और का रूप धरने और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया.

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2018 से गोशामहल की कैंटीन में कर रहा काम

पूछताछ के दौरान रवि ने माना कि उसने 2018 में गोशामहल की एक कैंटीन में काम किया था, जहाँ वह अक्सर पुलिस वालों को देखता था. समय के साथ, उसकी दिलचस्पी पुलिस की वर्दी और उससे मिलने वाली ताकत में बढ़ने लगी. हाल ही में, उसने पुलिस की किट खरीदी और सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचने के लिए एक अफसर की तरह बर्ताव करना शुरू कर दिया.

पुलिस की फर्जी वर्दी, टोपी, बेल्ट, नेमप्लेट जब्त

अधिकारियों ने उससे कई चीज़ें ज़ब्त कीं, जिनमें खाकी वर्दी, टोपियां, बेल्ट, सीटी की डोरियाँ, एक नेमप्लेट और वीडियो बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फ़ोन शामिल था. पुलिस ने यह भी बताया कि जब उसके शुरुआती वीडियो वायरल हो गए, तो रवि ने एक और क्लिप जारी की जिसमें उसने दावा किया कि वह तो बस एक "डुप्लीकेट पुलिस अफसर" है; इससे लोगों में और भी ज़्यादा कन्फ़्यूज़न फैल गया.

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अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी कि वे सोशल मीडिया पर किए गए ऐसे दावों पर भरोसा न करें. उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि सरकारी नौकरियों के लिए वे सिर्फ़ आधिकारिक प्रक्रियाओं का ही पालन करें और किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें.

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