कुल्लू (हिमाचल) में ब्यासकुंड क्षेत्र में एक युवक की जान ट्रैकिंग बचाने के लिए पुलिसकर्मी देवदूत बनकर पहुंचे. केरल के 20 वर्षीय युवक अर्शद ने बिना गाइड और तैयारी के बर्फीले रास्तों पर अकेले ट्रैकिंग की. तभी ठंड के कारण उसके पैर फंस गए और वह चलने में असमर्थ हो गया. युवक धुंधी ब्रिज से करीब 2-3 किलोमीटर ऊपर बर्फ में फंसा हुआ था. घटना की सूचना मिलते ही अटल टनल रोहतांग की सुरक्षा में तैनात सब-इंस्पेक्टर राज कुमार ने अपनी टीम के साथ तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
युवक भावुक, मांगने लगा माफी
पुलिसकर्मियों ने युवक को सहारा दिया, जूते पहनाए और सुरक्षित स्थान तक बाहर निकाला. रेस्क्यू के दौरान युवक भावुक हो गया और बार-बार अपनी गलती मानते हुए माफी मांगता रहा. उसने कहा कि बिना गाइड और उचित तैयारी के पहाड़ों में जाना उसकी बड़ी भूल थी. इस रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी युवक को ढांढस बंधाते और पीठ पर उठाकर सुरक्षित निकालते दिख रहे हैं.
प्रशासन की टूरिस्ट से अपील
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है, "ऊंचाई वाले बर्फीले इलाकों में ट्रैकिंग से पहले पूरी तैयारी करें, स्थानीय गाइड के साथ जाएं और मौसम की जानकारी जरूर लें." पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी कि पहाड़ों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए बिना जरूरी उपकरणों के ट्रैकिंग जानलेवा साबित हो सकती है.
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