हिमाचल हाई कोर्ट को मिली बस से उड़ाने की धमकी, पुलिस जांच में नहीं मिला IED

आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे शिमला हाई कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराया गया, जिससे न्यायाधीशों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. हाई कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में एक व्यापक सैनेटाइजेशन और सर्च अभियान चलाया गया.

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जांच एजेंसियां पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई हैं..
शिमला:

हिमाचल को ई-मेल के माध्यम से लगातार धमकियां मिलने का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में सोमवार को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट को मानव आत्मघाती हमलावरों द्वारा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से ब्‍लास्‍ट करने की धमकी मिल. ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते शिमला पुलिस ने तुरंत एक्‍शन लेते हुए क्विक रिस्‍पॉन्‍स टीम को हाई कोर्ट भेजा. अलर्ट मिलते ही डीआईजी साउथ रेंज अंजुम आरा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बम निरोधक दस्ते, त्वरित प्रतिक्रिया दल और डॉग स्क्वायड के जवान मौके पर पहुंचे.

आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे हाई कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराया गया, जिससे न्यायाधीशों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. हाई कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में एक व्यापक सैनेटाइजेशन और सर्च अभियान चलाया गया. सभी कमरे, गलियारे तथा प्रवेश और निकासी बिंदुओं की सुनियोजित ढंग से जांच की गई, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु का पता लगाया जा सके.

4 घंटे तक चले इस गहन तलाशी अभियान में कोई विस्फोटक सामग्री या वास्तविक खतरा नहीं मिला. ऐसे में इस अलर्ट को झूठी चेतावनी घोषित किया गया. गौर हो कि हाल ही में सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय, मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओकओवर सहित कुछ जिला उपायुक्त कार्यालय को भी उड़ाने की धमकी मिली चुकी है. ऐसे में जांच एजेंसियां पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई हैं. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट में सुरक्षा पहरा कड़ा कर दिया गया है. साथ ही संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

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