12 सालों से जिंदा 'लाश' बने हरीश राणा पर आज आएगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला, क्या कोर्ट देगा इच्छामृत्यु का इजाजत?

सुप्रीम कोर्ट आज हरीश राणा की जिंदगी को लेकर फैसला सुना सकता है. पिछले 12 साल से जिंदा लाश बने राणा के माता-पिता ने बेटे की इच्छामृत्यु की याचिका कोर्ट में लगाई थी.

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हरीश राणा की इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का आएगा फैसला
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  • हरीश राणा 12 साल से बिस्तर पर पड़ा हुआ है, उसकी मेडिकल रिपोर्ट भी आ चुकी है
  • सुप्रीम कोर्ट आज हरीश राणा की इच्छामृत्यु पर फैसला सुना सकता है
  • शीर्ष अदालत ने फैसले से पहले कहा था कि वो हरीश के माता-पिता से बात करेगा
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नई दिल्ली:

वो 12 साल से बिस्तर पर पड़ा है. न हिल पाता है और न ही कुछ बोल पाता है. वो जिंदा लाश है. बूढ़े माता-पिता ने उसके ठीक होने उम्मीद छोड़ दी और सुप्रीम कोर्ट में अपने ही बच्चे की मौत के लिए अपील कर दी. शीर्ष अदालत ने आज इस पर अपना फैसला सुनाने वाला है. गाजियाबाद के हरीश राणा के माता-पिता पैसिव यूथेनेशिया (इच्छा मृत्यु) के लिए कोर्ट में अपील की है. कोर्ट ने फैसले से पहले घरवालों से बात करने के निर्देश दिए थे. कोर्ट ने इस सिलसिले में बातचीत के लिए राणा के माता-पिता को 13 जनवरी को बुलाया था. 

सुप्रीम कोर्ट ने बताया था दुखद रिपोर्ट

100 फीसदी दिव्यांगता का शिकार हो चुके बेटे के ठीक होने की उम्मीद छोड़ चुके हरीश के माता-पिता ने ही उसे इच्छा मृत्यु देने की मांग की थी. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की मेडिकल हालत को लेकर एम्स को रिपोर्ट देने को कहा था.एम्स की रिपोर्ट देखकर जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने गहरी निराशा जाहिर की थी. जस्टिस पारदीवाला ने कहा था कि यह बेहद दुखद रिपोर्ट है.

एम्स ने दी थी हरीश राणा पर रिपोर्ट

दरअसल, एम्स की रिपोर्ट में यह कहा गया था कि हर्षित राणा अब कभी ठीक नहीं हो सकता है. कोर्ट ने कहा कि यह हमारे लिए मुश्किल फैसला है, लेकिन हम इस लड़के को यूं अपार दुख में नहीं रख सकते. जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि हम उस स्टेज में हैं, जहां आज हमें आखिरी फैसला लेना होगा.

घरवालों से बात करने के लिए SC ने दिया था आदेश 

कोर्ट ने रिपोर्ट की कॉपी एडिशनल सॉलिसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और याचिकाकर्ता के वकील रश्मि नंदकुमार को भी देने को कहा गया था. कोर्ट ने दोनों वकीलों से आग्रह किया था कि वे रिपोर्ट का अध्ययन कर लड़के के घरवालों से बात करें और फिर अपनी राय से कोर्ट को अवगत कराएं. कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि इस तरह के मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लड़के के घरवालों से बात करना सही नहीं रहेगा. इसलिए कोर्ट ने उनसे आग्रह किया है कि 13 जनवरी को दोपहर 3 बजे लड़के के माता-पिता कमेटी रूम में मौजूद रहें. कोर्ट उनसे बात कर इस बारे में अंतिम फैसला लेगा.

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