- गुजरात के जूनागढ़ जिले के भूतड़ी गांव में रामजी मंदिर के पाटोत्सव में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ भेदभाव हुआ
- अनुसूचित जाति के लोगों को अलग बैठाने और प्रसाद खाने से रोकने का आरोप स्थानीय लोगों पर लगाया गया है
- पीड़ितों ने सार्वजनिक अपमान और उनके घरों से प्लेट कटोरे मंगाकर अलग बैठाने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई
गुजरात के जूनागढ़ जिले के विसावदर तालुका के भूतड़ी गांव में सामाजिक भेदभाव का गंभीर मामला सामने आया है. यहां रामजी मंदिर में आयोजित पाटोत्सव के दौरान प्रसाद बांटने को लेकर विवाद खड़ा हो गया. बताया जा रहा है कि अनुसूचित जाति के लोगों को अलग बिठाया गया. पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि किसी भी जाति के लोगों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
दलितों को अलग बिठाने का आरोप
जानकारी के अनुसार, रामजी मंदिर में कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जाति के लोगों को अलग बैठाने और उन्हें प्रसाद खाने से रोकने का आरोप लगाया गया है. पीड़ितों का कहना है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया. आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने न केवल अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को खाने से मना किया, बल्कि उनके घरों से प्लेट और कटोरे मंगवाकर उन्हें अलग-थलग बैठाया.
सभी के बाद दिया पानी
इतना ही नहीं, सभी के खाने के बाद अनुसूचित जाति के लोगों को पानी दिया गया, जिससे उन्होंने अपमानित महसूस किया. इस घटना के बाद पीड़ित परिवार पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता अजयभाई चतुरभाई बोरिचा ने बाबूभाई उकाभाई दुधानी समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है.
यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और सामाजिक समानता को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.














