राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में इन दिनों 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' की धूम है, लेकिन टेक्नोलोजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शोर के बीच एक अनोखी खुशबू सबका ध्यान अपनी ओर खींच रही है. ये खुशबू है भारत की खास जीआई (GI) टैग वाली कॉफी की. समिट के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने जैसे ही खास 'मानसून मालाबार' कॉफी का घूंट भरा, उनके मुंह से निकल पड़ा- वाह.
भारत मंडपम में लगा है खास लाउंज
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत मंडपम में बने 'भारत GI कॉफी लाउंज' में सुंदर पिचाई के कॉफी पीने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया. उन्होंने लिखा कि जब खुद सुंदर पिचाई एक कप कॉफी के लिए रुकें, तो समझ लीजिए कि यह वाकई लाजवाब है.
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत मंडपम के हॉल नंबर 14 में बने इस खास लाउंज में 20 फरवरी तक दुनिया भर के मेहमानों को भारत की खासियत समेटे इस कॉफी का अनुभव कराया जा रहा है.
क्या है 'भारत GI' पहल?
दरअसल यह सब 'भारत GI' पहल का हिस्सा है, जिसे हाल ही में उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) की तरफ से लॉन्च किया गया है. 'भारत GI' ऐसा नेशनल अंब्रेला ब्रांड है जिसका मकसद भारत के विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रीमियम पहचान दिलाना है.
पीयूष गोयल ने इसे "World Exclusive" करार दिया. उनका मानना है कि भारत के जीआई उत्पादों में सदियों का कौशल, समुदाय का ज्ञान और भूगोल की वो खूबियां छिपी हैं, जो दुनिया में कहीं और नहीं मिलतीं.
देसी सुगंध, स्वाद का जादू
इस अभियान की शुरुआत भारतीय कॉफी से की गई है ताकि दुनिया भारत की सुगंध, स्वाद और प्रामाणिकता को पहचान सके. 'भारत GI' के जरिए सरकार उन सभी स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना चाहती है जो अपनी भौगोलिक खासियतों के लिए जाने जाते हैं.
कई देशों के प्रतिनिधियों ने चखा स्वाद
फिनलैंड, फ्रांस, जापान, नाइजीरिया, बोत्सवाना, लिथुआनिया, कजाकिस्तान, पोलैंड और जर्मनी आदि देशों के प्रतिनिधियों ने भी कॉफी एक्सपीरियंस सेंटर का दौरा किया और अनोखे तरीके से छाया में उगाई गई, हाथ से चुनी गई और धूप में सुखाई गई भारत जीआई कॉफ़ी का स्वाद लिया.
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