- कर्नाटक के लक्कुंडी गांव में घर की नींव की खुदाई के दौरान लगभग 470 ग्राम सोने के प्राचीन आभूषण मिले हैं
- खजाने में सोने के हार, झुमके और अन्य 22 वस्तुएं शामिल हैं जिनकी बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है
- खजाना मिलने पर एसपी और सहायक आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर सभी आभूषणों को सरकारी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित कर लिया
कर्नाटक के गदग जिले में घर की नींच की खुदाई में सोने का खजाना मिला है. जिले के ऐतिहासिक लक्कुंडी गांव में एक घर के निर्माण के लिए खुदाई चल रही थी, तभी मिट्टी के नीचे दबा हुआ सदियों पुराना 'खजाना' बरामद हुआ. इस बरामदगी में सोने के हार और बालियों सहित लगभग 470 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं.
खुदाई के दौरान मिला तांबे का कलश
यह घटना लक्कुंडी गांव की निवासी गंगव्वा रित्ती के घर की है. शनिवार को जब नए घर की नींव के लिए खुदाई की जा रही थी, तब मजदूरों और परिवार को एक तांबे का बर्तन (घड़ा) मिला. जब इसे खोलकर देखा गया, तो उसमें सोने के प्राचीन आभूषण भरे हुए थे. इस खजाने पर सबसे पहले परिवार के 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र प्रज्वल ऋत्विक की नजर पड़ी. प्रज्वल ने बिना किसी लालच के तुरंत इसकी जानकारी गांव के बुजुर्गों और अपने परिवार को दी.
पुलिस और प्रशासन ने लिया कब्जे में
खजाना मिलने की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई, जिसके बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. सूचना मिलते ही गदग के पुलिस अधीक्षक (SP) रोहन जगदीश और सहायक आयुक्त (AC) गंगप्पा अपनी टीम और स्वर्ण मूल्यांकनकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे.
खजाने में क्या-क्या मिला?
कलश से कुल 22 सोने की वस्तुएं, जिसमें हार, झुमके आदि हैं. कुल वजन लगभग 470 ग्राम है. बाजार भाव के अनुसार इन आभूषणों की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है. एसपी रोहन जगदीश ने कहा, "लड़के ने बहुत ईमानदारी दिखाई और गांव के वरिष्ठों को सूचित किया. प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सभी 22 वस्तुओं को सरकारी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित कर लिया है."
लक्कुंडी: 101 मंदिरों और बावड़ियों का ऐतिहासिक गांव
गदग का लक्कुंडी गांव अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखता है. यह गांव 101 बावड़ियों और 101 मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. ग्रामीणों का कहना है कि यहां पहले भी कई बार खुदाई के दौरान प्राचीन वस्तुएं और खजाना मिलने की घटनाएं हो चुकी हैं. इतिहास प्रेमियों का मानना है कि यह सोना किसी प्राचीन काल के संपन्न परिवार या शासनकाल का हो सकता है.
ईमानदारी की मिसाल
प्रशासन ने गंगव्वा के परिवार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जमकर सराहना की है. अधिकारियों ने कहा कि परिवार चाहता तो इस खजाने को छिपा सकता था, लेकिन उन्होंने पारदर्शिता दिखाते हुए तुरंत जेडीपी (ZDP) को वीडियो भेजा और अधिकारियों को सूचित किया. यह घटना समाज के लिए ईमानदारी और नागरिक कर्तव्य का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है.














