गुलाम नबी आजाद ने धोखा दिया, उनका रिमोट कंट्रोल प्रधानमंत्री के पास : कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आजाद पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि ‘जीएनए’ (गुलाम नबी आजाद) का डीएनए ‘मोदी-मय’ हो गया है.

विज्ञापन
Read Time: 16 mins
गुलाम नबी आजाद ने छोड़ी कांग्रेस.
नई दिल्ली:

कांग्रेस ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से गुलाम नबी आजाद के इस्तीफा देने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद' करार देते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि आजाद ने पार्टी को धोखा दिया और उनका रिमोट कंट्रोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आजाद पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि ‘जीएनए' (गुलाम नबी आजाद) का डीएनए ‘मोदी-मय' हो गया है. उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ऐसे समय पर यह कदम उठाया जब कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और ध्रुवीकरण के खिलाफ लड़ रही है तथा त्यागपत्र में कही गई बातें तथ्यपरक नहीं हैं, इसका समय भी ठीक नहीं है.

पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि गुलाम नबी आजाद ने राहुल गांधी से ‘निजी खुन्नस' और राज्यसभा में न भेजे जाने के कारण त्यागपत्र में ‘अनर्गल बातें' की हैं.

कांग्रेस छोड़ने के बाद अब नई पार्टी बनाएंगे गुलाम नबी आज़ाद : सूत्र

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ‘गुलाम नबी आजाद और इन जैसे लोगों को समझ लेना चाहिए कि पार्टी के कार्यकर्ता क्या चाहते हैं... यह व्यक्ति पांच पृष्ठों के पत्र में डेढ़ पृष्ठ तक यह लिखते हैं कि वह किन-किन पदों पर रहे और फिर लिखते हैं उन्होंने नि:स्वार्थ सेवा की.' उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा न भेजे जाने के कारण आजाद तड़पने लगे.

खेड़ा ने आरोप लगाया, ‘पार्टी को कमजोर करने में इन्हीं लोगों का तो योगदान रहा है. आप लोगों की वजह से पार्टी कमजोर हुई... पार्टी का कार्यकर्ता इस धोखे को जानता है. कार्यकर्ता यह भी जानता है कि जो व्यक्ति इस समय धोखा दे रहा है उसका रिमोट कंट्रोल नरेंद्र मोदी के हाथ में है.'

Advertisement

ग़ुलाम नबी आज़ाद नई पार्टी लांच करेंगे, NDTV को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बात को खारिज नहीं किया

उन्होंने कहा, ‘आजाद और मोदी जी के प्रेम को हमने खुद देखा है. यह प्रेम संसद में भी दिखा था. उस प्रेम की आज परिणति हुई है... देश का कार्यकर्ता इस व्यक्ति को माफ नहीं करेगा.'

Advertisement

राहुल गांधी के अध्यादेश की प्रति फाड़ने का आजाद द्वारा अपने त्यागपत्र में उल्लेख किए जाने पर खेड़ा ने कहा, ‘आजाद उस वक्त क्यों नहीं बोले? उस वक्त पद था, इसलिए नहीं बोले. मतलब यह है कि आप स्वार्थी हैं. पद है तो नहीं बोलेंगे और जब पद नहीं है तो बोलेंगे.'

आखिर क्यों नाराज़ थे दिग्गज नेता, कांग्रेस से 'आज़ाद' होने के पीछे 'गुलाम' की क्या है रणनीति...?

गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया तथा नेतृत्व पर आंतरिक चुनाव के नाम पर पार्टी के साथ बड़े पैमाने पर ‘धोखा' करने का आरोप लगाया .

आजाद के इस्तीफे को, पहले से ही समस्याओं का सामना कर रही कांग्रेस पार्टी पर एक और आघात माना जा रहा है . पूर्व में कई बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं जिसमें कपिल सिब्बल, अश्विनी कुमार आदि शामिल हैं .

सोनिया गांधी को गुलाम नबी आजाद की चिट्ठी के 10 मुख्य प्वाइंट

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Washington Hotel Firing News: वॉशिंगटन होटल में फायरिंग, भागते हुए हमलावर की EXCLUSIVE तस्वीर! | USA
Topics mentioned in this article