केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मन विदेश मंत्रालय की टिप्पणी, भारत ने जताया कड़ा विरोध

केजरीवाल की गिरफ्तारी मामले में जर्मनी ( German On Kejriwal Arrest) की टिप्पणी का भारत ने कड़ा विरोध किया है.भारत के विरोध के बाद जर्मन दूतावास के डिप्टी हेड ऑफ मिशन जॉर्ज एनजवीर दिल्ली में विदेश मंत्रालय (एमईए) पहुंचे.

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केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मनी की टिप्पणी का विरोध.
नई दिल्ली:

दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार किया है. फिलहाल वह सात दिन की ईडी रिमांड पर हैं. केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने की टिप्पणी की. भारत ने जर्मन विदेश मंत्रालय की इस टिप्पणी का कड़ा विरोध किया है. भारत का मानना है कि यह हमारे देश का आंतरिक मामला है, जर्मनी को इस मामले से दूर रहना चाहिए.

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भारत के आंतरिक मामले में जर्मनी का दखल

जर्मन विदेश मंत्रालय की तरह से कहा गया है कि भारत में विपक्ष के एक बड़े राजनीतिक चेहरे को चुनाव से कुछ दिन पहले गिरफ्तार कर लिया गया है. विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रहा है. इस मामले को जर्मन सरकार ने संज्ञान में लिया है. उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतंत्रिक देश है. हम उन मानकों में विश्वास रखते हैं और उम्मीद करते हैं कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और बुनियादी लोकतांत्रिक मूल्य से संबंधित सिद्धांत भी इस केस में मामले में लागू किए जाएंगे.

जर्मन विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि इस मामले में अरविंद केजरीवाल निष्पक्ष सुनवाई के हकदार हैं, उनको बिना किसी प्रतिबंध के सभी कानूनी रास्तों के उपयोग का हक मिलने चाहिए. उन्होंने कहा कि निर्दोष होने की संभावना कानून के नियमों का अहम हिस्सा है, इसीलिए इसे केजरीवाल के मामले में भी लागू होना चाहिए.  

जर्मनी के दखल पर भारत का विरोध

बता दें कि अरविंद केजरीवाल को शराब नीति घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया है. विपक्ष ने इसकी कड़ी निंदा की है और इसे राजनीति से प्रेरित बताया है. बता दें कि केजरीवाल को कल राउज एवेन्यू के पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया था. अदालत से ईडी ने उनकी 10 दिन की रिमांड मांगी थी. कोर्ट ने ईडी को केजरीवाल को 7 दिन की हिरासत दी है. अब जर्मनी ने इस मामले में टिप्पणी की है, जिसका भारत ने कड़ा विरोध किया है.भारत के विरोध के बाद जर्मन दूतावास के डिप्टी हेड ऑफ मिशन जॉर्ज एनजवीर दिल्ली में विदेश मंत्रालय (एमईए) पहुंचे.

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