- गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को स्पेन के मैड्रिड शहर से गिरफ्तार किया गया है. भारत की तरफ से यह इनपुट दिया गया था.
- गोल्डी ढिल्लों कुख्यात गैंगस्टर है, जिस पर हत्या, लूटपाट, वसूली समेत कई बड़े मामले दर्ज हैं.
- स्पेन में गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाया जा सकता है. पुलिस यहां भी पूछताछ करेगी.
भारतीय खुफिया एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. स्पेन की सुरक्षा एजेंसियों ने मैड्रिड शहर से गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को हिरासत में लिया है. पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने यह इनपुट दिया था. जिसके बाद स्पेन में यह बड़ी कार्रवाई हुई है. सूत्रों के मुताबिक गोल्डी ढिल्लों 13 जून 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास की हत्या की साजिश में शामिल था. वह इस घटना का मास्टरमाइंड था. वह विदेश में बैठकर पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर समेत कुछ और राज्यों में अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित करता था. लेकिन स्पेन में हुई इस कार्रवाई के बाद अब उसे जल्द ही भारत लाया जा सकता है.
भारत लाने की होगी तैयारी
स्पेन में गोल्डी ढिल्लों की गिरफ्तारी के बाद अब इस बात की संभावना बढ़ गई है कि उसे जल्द ही भारत लाया जाएगा. चंडीगढ़ पुलिस भी उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर जानकी दास की हत्या से जुड़े मामले में पूछताछ कर सकती है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तरफ से उस पर 10 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से गोल्डी ढिल्लों की तलाश में जुटी थी. वह मूल रूप से पंजाब के राजपुरा का रहने वाला है. जो पहले मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के मामलों में शामिल रहा है. फिर जबरन वसूली और गैंगों में उसका नाम आने लगा. जिसमें अवैध हथियार भी शामिल थे.
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2022 में विदेश गया था
बताया जाता है कि गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों 2022 में भारत छोड़कर विदेश फरार हो गया था. इसके बाद ही उसने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर समेत कुछ और राज्यों में अपना नेटवर्क मजबूत किया था. 13 जून 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास की हत्या हुई थी. जिसकी जिम्मेदारी गोल्डी ढिल्लों ने ली थी. इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी तलाश और तेज कर दी थी. वह विदेश से ही कई कारोबारियों से फोन पर रंगदारी मांग रहा था. जांच एजेंसियों के अनुसार, कनाडा में हुई कई फायरिंग की घटनाओं में भी गोल्डी ढिल्लों का नाम सामने आया था. सूत्रों के मुताबिक पंजाब पुलिस लंबे समय से विदेश में मौजूद गोल्डी ढिल्लों की गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ बातचीत कर रही थी.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था
गोल्डी ढिल्लों पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था. लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था. जिसके बाद उसने अपना रास्ता अलग कर लिया था. जिससे गोल्डी ढिल्लों और लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक तरह आमने-सामने आ गया था. वह अपने गुर्गों को टारगेट किलिंग और रंगदारी की घटनाओं को अंजाम दिलाता था. उसके कुछ गुर्गों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जिससे पूछताछ में कई जानकारियां भी मिली थी. गोल्डी ढिल्लों पर कई राज्यों में मामले दर्ज हैं. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली एनसीआर में भी उसके खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज हैं.
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