'हर 15 दिनों पर तेल की कीमत का रिव्यू किया जाएगा', सरकार का बड़ा ऐलान

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त है. रोजाना 10000 से ज्यादा कनेक्शन ग्राहकों को दिए जा रहे हैं. अप्रैल 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम आज तक नहीं बढ़े हैं, या तो कम हुए हैं या स्थिर रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • सरकार ने तेल की कीमतों की समीक्षा हर पखवाड़े यानी पंद्रह दिनों में करने का निर्णय लिया है
  • पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त है तथा अगले दो महीने के लिए आपूर्ति सुनिश्चित है
  • एक्साइज ड्यूटी में कमी की गई है जिससे तेल कंपनियों के घाटे को कम कर दाम स्थिर रखने में मदद मिलेगी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

अब हर 15 दिनों पर तेल की कीमत का रिव्यू किया जाएगा. सरकार ने ये बड़ा ऐलान किया है. सीबीआईसी के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि तेल कम्पनियों का घाटा भी कम हो सके और ग्राहकों के लिए दाम भी नहीं बढ़ाना पड़े, इसलिए एक्साइज ड्यूटी घटाया गया है.

वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है. अगले दो महीने के लिए सप्लाई तय हो गई है. एलपीजी और पीएनजी में स्थिति अभी सामान्य है.

उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त है. रोजाना 10000 से ज्यादा कनेक्शन ग्राहकों को दिए जा रहे हैं. अप्रैल 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम आज तक नहीं बढ़े हैं, या तो कम हुए हैं या स्थिर रहे हैं.

सुजाता शर्मा ने बचाया कि अफवाहों, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है. कृपया पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं.

Advertisement

अंतर मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग की बड़ी बातें

सुजाता शर्मा, संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय-

  • हम अभी भी युद्ध जैसी स्थिति में हैं
  • हमारे कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है
  • हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है
  • अगले 2 महीनों के लिए आपूर्ति की व्यवस्था पूरी है
  • एलपीजी और एलएनजी की स्थिति सामान्य है
  • रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं
  • पिछले कुछ हफ्तों से वाणिज्यिक आपूर्ति बहाल कर दी गई है
  • आज वाणिज्यिक आपूर्ति 70% तक बहाल कर दी गई है


विवेक चतुर्वेदी, चेयरमैन, सीबीआईसी-

  • पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है
  • अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है
  • पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की कीमतों में भी उछाल आया है
  • इससे रिफाइनरियों को उच्च अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर निर्यात करने का बाजार मिला है
  • सरकार का दृष्टिकोण संतुलित है
  • डीजल और एटीएफ के निर्यात पर एसएईडी और उपकर लागू किया गया है
  • वर्तमान क्रैक कीमतों के आधार पर पेट्रोल पर शुल्क शून्य है
  • दरों की समीक्षा हर 15 दिनों में की जाएगी
  • इन परिवर्तनों का उद्देश्य उत्पादों की घरेलू उपलब्धता को प्राथमिकता देना है
  • पखवाड़े में राजस्व लाभ लगभग 1500 करोड़ रुपये होगा

घरेलू स्तर पर किए गए परिवर्तन-

  • घरेलू पेट्रोल खपत पर 10 रुपये की कमी की गई है
  • पेट्रोल पर संशोधित शुल्क 21.90 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 11.09 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है
  • डीजल पर शुल्क 17.8 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 7.8 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है लीटर
  • हर 15 दिन बाद हम समीक्षा करेंगे
  • स्थिति परिवर्तनशील है, हम कठिन समय से गुजर रहे हैं

इसे भी पढ़ें: कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू, पेट्रोलियम मंत्रालय की अपील- पैनिक बुकिंग से बचें

इसे भी पढ़ें: कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग, संकट के बीच काम कर गया सरकार का 'प्लान-B'

Featured Video Of The Day
Ashok Kharat Nashik Case: अशोक खरात पर ममता कुलकर्णी के चौंकाने वाले खुलासे