ग्रेटर नोएडा के फ्लैट से चल रहा था ठगी का खेल, अवैध रूप से रह रही नाइजीरियाई महिला गिरफ्तार

18 फरवरी को ठग ने कपिल को यह कहकर झांसा दिया कि वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंच चुका है, लेकिन कस्टम विभाग ने उसे रोक लिया है, क्योंकि उसके पास 2 लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा है.

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  • दिल्ली के रोहिणी इलाके में फेसबुक पर फर्जी पहचान बनाकर ठगी करने वाली नाइजीरियाई महिला को गिरफ्तार किया गया.
  • ठगी का शिकार कपिल अग्रवाल को ठग ने मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की समस्या बताकर 65 हजार से अधिक रुपये ठगे.
  • महिला ने खुद को हैरी रॉबर्ट टेक्सास बताकर फेसबुक पर दोस्ती की और व्हाट्सऐप पर धोखाधड़ी की वार्ता की.
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सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना कितना भारी पड़ सकता है, इसका ताजा उदाहरण दिल्ली के रोहिणी इलाके में देखने को मिला है. रोहिणी जिले की साइबर सेल पुलिस ने एक ऐसी विदेशी महिला को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगती थी. महिला की पहचान नाइजीरिया की रहने वाली ओसाजुवा प्रॉमिस के रूप में हुई है.

डीसीपी ने बताया कि ठगी की यह घटना रोहिणी सेक्टर-16 में रहने वाले कपिल अग्रवाल के साथ हुई. इसी साल फरवरी में उन्हें फेसबुक पर ‘हैरी रॉबर्ट टेक्सास' नाम के व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली. दोस्ती बढ़ने पर दोनों व्हाट्सऐप पर बात करने लगे.

18 फरवरी को ठग ने कपिल को यह कहकर झांसा दिया कि वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंच चुका है, लेकिन कस्टम विभाग ने उसे रोक लिया है, क्योंकि उसके पास 2 लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा है. खुद को मुसीबत में बताकर ठग ने कपिल से मदद मांगी. इसके बाद एक दूसरे व्यक्ति ने खुद को ‘कस्टम अधिकारी' बताते हुए कपिल को फोन किया और सामान छुड़ाने के नाम पर टैक्स की मांग की. कपिल भरोसे में आकर पहले 55,700 रुपये और फिर 10,000 रुपये, यानी कुल 65,700 रुपये ट्रांसफर कर बैठे.

जब उनसे और पैसे मांगे गए, तब उन्हें शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही रोहिणी साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने तकनीकी सर्विलांस—यानी मोबाइल नंबर और ईमेल लोकेशन—के जरिए जांच शुरू की और ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-37 तक पहुंच गई. यहां से पुलिस ने 32 वर्षीय ओसाजुवा प्रॉमिस को गिरफ्तार कर लिया, जो मूल रूप से नाइजीरिया की रहने वाली है.

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छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7 मोबाइल फोन और 9 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए, जो अन्य लोगों के नाम पर लिए गए थे. पुलिस पूछताछ में पता चला कि यह विदेशी महिला करीब छह साल पहले टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से यहां रह रही थी. वह अपनी असली पहचान छुपाकर फर्जी सिम कार्ड के जरिए लोगों को ठगने का काम कर रही थी. फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इस महिला ने अब तक कितने लोगों को अपने ठगी के जाल में फंसाया और कितनी रकम हड़पी.

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