- पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और TMC नेता सुजीत बोस को नगरपालिका भर्ती घोटाले में ED ने गिरफ्तार किया है.
- सुजीत बोस पर आरोप है कि उन्होंने साउथ दमदम म्यूनिसिपैलिटी में करीब 150 लोगों से पैसे लेकर भर्ती कराई थी.
- ED के मुताबिक, उसे जांच में कई फ्लैट्स और बैंक खातों में भारी कैश डिपॉजिट का पता चला है.
पश्चिम बंगाल में पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया है. ED ने करीब 10 घंटे तक चली पूछताछ के बाद बोस को गिरफ्तार किया. यह गिरफ्तारी नगरपालिका भर्ती घोटाले को लेकर की गई है. आरोप है कि सुजीत घोष ने साउथ दमदम म्यूनिसिपैलिटी में अलग-अलग पदों के लिए भर्ती के लिए करीब 150 लोगों से पैसे लिए थे और उनकी सिफारिश की थी. ईडी कल सुबह उन्हें विशेष अदालत में पेश करेगी.
सुजीत बोस सोमवार को नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में ईडी के अधिकारियों के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए. बोस अपने बेटे समुद्र बोस के साथ कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके स्थित ईडी के सीजीओ कॉम्प्लेक्स कार्यालय पहुंचे. समुद्र बोस को भी इसी मामले में तलब किया गया था. ईडी के एक अधिकारी के अनुसार, वे सुबह लगभग 10:30 बजे कार्यालय पहुंचे. करीब 10 घंटे की पूछताछ के बाद सुजीत घोष को गिरफ्तार कर लिया गया.
जांच में फ्लैट्स और कैश डिपॉजिट का पता चला
ईडी के मुताबिक, सुजीत बोस ने साउथ दमदम म्यूनिसिपैलिटी में अलग-अलग पदों पर भर्ती कराने के बदले करीब 150 उम्मीदवारों की अवैध सिफारिश की थी और इसके बदले पैसे लिए गए थे. ईडी के मुताबिक, उसे जांच में कई फ्लैट्स और बैंक खातों में भारी कैश डिपॉजिट का पता चला है, जिन्हें कथित तौर पर नौकरी दिलाने के बदले हासिल किया गया.
पूर्व मंत्री रतिन घोष को किया गया था समन
ईडी सूत्रों के अनुसार, कैश मैनेजमेंट का काम गौतम नाम का एक शख्स देखता था. गौतम के यहां से पहले छापेमारी में करीब 3 करोड़ रुपये मिले थे. वहीं इस मामले में मौजूदा टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री रतिन घोष को भी आज ईडी ने पूछताछ के लिए समन किया था. हालांकि वह जांच में शामिल नहीं हुए.
सूत्रों के मुताबिक, ईडी इससे पहले भी रतिन घोष को कई बार समन भेज चुकी है, लेकिन वह पूछताछ में पेश नहीं हुए.














